महाराष्ट्र पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
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जमा राशि पर मोटे मुनाफे का वादा कर निवेशकों से 13.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में मुंबई में मंगलवार शाम दो विदेशी नागरिकों समेत एक निजी आभूषण कंपनी के तीन शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान दक्षिण मुंबई के उमरखंडी निवासी सर्वेह अशोक सुर्वे (30), उज्बेक नागरिक तानिया उर्फ तजागुल कराक्सानोव्ना जसातोवा (52) और रूसी नागरिक वेलेंटीना गणेश कुमार (44) के रूप में हुई। गौरतलब है कि मुंबई में 'टोरेस' आभूषण ब्रांड चलाने वाली कंपनी प्लैटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों व अधिकारियों पर निवेश घोटाले के आरोप लगे हैं। कंपनी ने निवेशकों से धोखाधड़ी के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में कई शाखाएं बंद कर दी हैं।
अधिकारी ने कहा, कभी आधार कार्ड ऑपरेटर के रूप में काम करने वाला सुर्वे प्लैटिनम हर्न में निदेशक हैं, जबकि जसातोवा कंपनी में महाप्रबंधक और वेलेंटीना स्टोर प्रभारी के रूप में कार्यरत है। तीनों को दादर के शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया। उन्हें एक स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद 13 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। उन्होंने कहा कि दो अन्य आरोपियों विक्टोरिया कोवलेंको और कंपनी के सीईओ तौफीक रियाज उर्फ जॉन कार्टर की तलाश जारी है। जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कंपनी के आभूषण ब्रांड में निवेश पर भारी रिटर्न का वादा कर सैकड़ों लोगों को धोखा दिया।
6 प्रतिशत साप्ताहिक रिटर्न का किया था वादा
निवेशकों की ओर से पुलिस को दी शिकायत में कहा गया है कि कि फर्म ने निवेश पर 6 प्रतिशत साप्ताहिक रिटर्न का वादा किया था। निवेशकों को अपने रिटर्न का कुछ हिस्सा 30 दिसंबर तक प्राप्त होता रहा। इसके बाद कंपनी ने भुगतान रोक दिया। फर्म और उसके प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और अन्य अपराधों की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।