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CJP Campaign: सरकारी स्कूलों की बदहाली पर दीपके का नया अभियान, 15 अगस्त से होगा शुरु; सरपंचों से क्या अपील की?

Tue, 11 Aug 2026 01:54 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Abhijeet Dipke Launches New Drive: कॉकरेच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गांवों के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए 15 अगस्त से देशव्यापी अभियान शुरू करने का एलान किया है। अभियान में अभिभावकों से स्कूलों का सामाजिक ऑडिट करने और सरपंचों से सुविधाएं सुधारने की अपील की गई है। स्कूलों में पानी, बिजली, शौचालय और मिड-डे मील जैसी सुविधाओं की जांच होगी। क्या यह अभियान गांवों के स्कूलों की बदहाल तस्वीर बदल पाएगा?
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15 अगस्त से शुरू होगा नया शिक्षा आंदोलन? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कॉकरेच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने का एलान किया। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा। दिपके ने नागरिकों, अभिभावकों और गांव के नेताओं से मिलकर सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर करने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि पिछले 80 वर्षों में अगर किसी क्षेत्र की सबसे ज्यादा अनदेखी हुई है तो वह गांवों के सरकारी स्कूल हैं। दिपके ने सवाल उठाया कि नई संसद और नया प्रधानमंत्री आवास बनाया जा सकता है तो गांवों में नए और बेहतर स्कूल क्यों नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों के बच्चे भी देश का भविष्य हैं।

स्कूलों में किन सुविधाओं की जांच करेंगे अभिभावक?

अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता से खुद स्कूल जाकर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखने को कहा गया है। अभिभावकों को यह जांचना होगा कि स्कूल में बिजली है या नहीं, साफ पीने का पानी उपलब्ध है या नहीं और शौचालय काम कर रहे हैं या नहीं। इसके अलावा बच्चों को मिड-डे मील मिल रहा है या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी। दिपके ने कहा कि कई गांवों में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। स्कूल पहुंचने के बाद भी उन्हें पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिलतीं। उन्होंने खास तौर पर छात्राओं को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। सीजेपी जल्द ही एक प्रिंटेबल ऑडिट फॉर्म जारी करेगी, जिसमें अभिभावक स्कूल में मौजूद और गायब सुविधाओं की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

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सरपंचों के लिए क्या है सरपंच चैलेंज?

सीजेपी ने देशभर के सरपंचों से अपने गांव के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की अपील की है। इस पहल को ‘सरपंच चैलेंज’ नाम दिया गया है। इसके तहत जो सरपंच अपने गांव के स्कूल में सुधार करेंगे, उनके काम को सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाएगा। सीजेपी सोशल मीडिया पर स्कूल की सुधार से पहले और बाद की तस्वीरें साझा करेगी और संबंधित सरपंच को इसका श्रेय दिया जाएगा। दिपके ने कहा कि एक गांव का स्कूल बेहतर होगा तो दूसरे गांवों के सरपंच भी उससे प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने खुद महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव से इस पहल की शुरुआत करने की बात कही है। उनका कहना है कि गांवों के बच्चों को भी शहरों के बच्चों जैसी जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

स्कूलों की कमियों का सबूत कैसे जुटाया जाएगा?

सीजेपी ने अभिभावकों से कहा है कि अगर स्कूल में जरूरी सुविधाएं नहीं हैं तो वे उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी करें। संगठन की ओर से जारी किए जाने वाले ऑडिट फॉर्म में स्कूल की स्थिति दर्ज की जाएगी। अभियान से जुड़े वीडियो के साथ इस फॉर्म को साझा करने के लिए लिंक दिया जाएगा। सीजेपी का कहना है कि अभिभावक स्कूल की वास्तविक स्थिति सामने लाकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि बच्चों की पढ़ाई बेहतर हो। दिपके ने कहा कि बच्चों की अच्छी शिक्षा उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने लोगों से गांवों में रहने वाले बच्चों के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प लेने की अपील की। अभियान का संदेश है कि देश के गांवों में रहने वाले बच्चों को भी अच्छी शिक्षा और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

सीजेपी अब शिक्षा के मुद्दे पर क्यों उतर रही?

कॉकरेच जनता पार्टी ने अपनी शुरुआत ऑनलाइन व्यंग्य मंच के रूप में की थी। बाद में उसने सड़क पर उतरकर अभियान चलाया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ उसका 36 दिन का आंदोलन 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ था। इसके बाद सीजेपी के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हुई। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में इस महीने हुई दो दिवसीय रणनीति बैठक में संगठन ने चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय युवा आंदोलन के रूप में आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके साथ ही देशभर में पहुंच बनाने के लिए ‘क्या बोलती पब्लिक?’ अभियान की भी घोषणा की गई। अब गांवों के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का अभियान इसी दिशा में सीजेपी की नई पहल के तौर पर सामने आया है। दिपके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में देश के युवाओं से बात करने की अपील भी कर चुके हैं।
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