पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत अपने चरम की ओर बढ़ रही है। इस बीच पार्टी कार्यकर्ताओं के एक-दूसरे पर हमला करने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। वहीं दूसरी ओर पार्टी के नेता भी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप से नहीं चूक रहे हैं। यहां तक कि अब सीधे-सीधे धमकी तक देने लगे हैं।
शनिवार को भी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने अपने ही अंदाज में तृणमूल कांग्रेस को धमकी दे डाली। भाजपा कार्यकर्ताओं पर हाल ही में किए गए हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने तृणमूल कांग्रेस को धमकी देते हुए कहा कि अगर हाथ पैर चलाने पर मजबूर किया, तो घाव बांधने को बैंडेज कम पड़ जाएंगे।
बता दें कि घोष ने दक्षिण 24 परगना में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल सरकार पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, "अगले चार से पांच माह में एक भाजपा मुख्यमंत्री नबन्ना बिल्डिंग में बैठेगा। अगर वे लोग इसे सहन नहीं कर सकते, तो मैं उन्हें होम्योपैथी की कुछ दवाएं लेने की सलाह देता हूं।"
आगे भाजपा के अध्यक्ष ने कहा, "हम अनुशासित लोग हैं जो राजनीतिक मामलों को भी मर्यादित तरीके से संचालित करने में यकीन रखते हैं, लेकिन हमारे हाथ और पैर सही से काम करते हैं और अगर हमें उनका इस्तेमाल करने पर मजबूर किया गया, तो हम भी ऐसा जवाब देंगे कि उन्हें अपने घावों पर लगाने के लिए बैंडेज कम पड़ जाएंगे।"
हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आए पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी और सांसद सुनील मंडल को शनिवार को कोलकाता में भाजपा कार्यालय के समीप कथित रूप से सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह विरोध दलबदलुओं के खिलाफ जनाक्रोश को दर्शाता है। पुलिस ने बताया कि यह घटना उस समय घटी, जब दोनों नेता कोलकाता के हेस्टिंग्स इलाके में अपनी कार में थे। भाजपा ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने मंडल की कार पर उस वक्त पथराव किया, जब वह पार्टी कार्यालय जा रहे थे।