पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर ममता सरकार को निशाने पर लिया। घोष ने कहा कि हमारे 39 कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं। हर रोज हमारे कई कार्यकर्ता जेल जा रहे हैं और कई जेल से जमानत पर बाहर आ रहे हैं। दिलीप घोष का कहना है कि राज्य में पुलिस गुंडे की तरह की कार्य कर रही है, लेकिन भाजपा के कार्यकर्ताओं ने राज्य की जनता को राजनीतिक विकल्प दे दिया है। दिलीप घोष का कहना है कि तृणमूल की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीम पीछे हटने लगी है। भाजपा आगे बढऩे लगी है। ममता बनर्जी डर गई हैं।
पीएम की रैली में भीड़ देख घबरा रही टीएमसी: घोष
दिलीप घोष का कहना है कि सर्वे में भाजपा को लोकसभा चुनाव 2019 में 9-10 सीटें मिलने की उम्मीद बताई जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 22 सीटों पर जीत का दावा किया है, लेकिन हम भरोसा दिलाते हैं कि मतदान होने तक भाजपा 42 में से 23 सीटें जीतने के लक्ष्य को हासिल कर लेगी। दिलीप घोष का कहना है कि भाजपा त्रिपुरा की तरह पश्चिम बंगाल में सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने का राजनीतिक अभियान का नतीजा सामने है। 15 दिन के भीतर ही भाजपा ने राज्य में राजनीतिक भूचाल दिया है। प्रधानमंत्री की जनसभा में उमड़ी भीड़ देखकर तृणमूल के नेताओं का डर बढ़ रहा है। दिलीप घोष का कहना है कि यही वजह है, ममता बनर्जी सरकार हमें यहां राजनीतिक जनसभा, रथ यात्रा, राजनीतिक अभियान की अनुमति नहीं दे रही है।
पाबंदी के खिलाफ जाएंगे अदालत
दिलीप घोष ने अमर उजाला को बताया कि वह जल्द ही अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जनसभा की मंजूरी नहीं मिली है। उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा को लेकर रोड़े अटकाए गए। भाजपा नेता शहनवाज के कार्यक्रम में ममता बनर्जी सरकार अडंग़ा लगा रही है। घोष का कहना है कि वह इन पाबंदियों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने वाले हैं। दिलीप घोष के अनुसार यह जमीनी संघर्ष है और पार्टी इसे सफलता मिलने तक हर कीमत पर जारी रखेगी।
हमें राजनीति का अनुभव नहीं
दिलीप घोष संघ के प्रचारक, संगठन के नेता रहे हैं। वह खुद कहते हैं कि उनके पास राजनीति का अनुभव नहीं है। इसी दिसंबर में उन्हें भाजपा की राजनीति करते हुए तीन साल पूरे हो गए हैं। वह संगठन के आदमी हैं और जीवन भर संगठन का ही काम किया है, लेकिन पश्चिम बंगाल में उनके नेतृत्व में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को कड़ी चुनौती दे दी है। दिलीप घोष के अनुसार स्थानीय चुनाव में भाजपा को 35-40 प्रतिशत तक वोट मिले हैं।
आठ फरवरी के बाद जनसभा बंद, दरवाजे पर देंगे दस्तक
पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष के अनुसार 8 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र की आखिरी जनसभा होगी। यह जनसभा जलपाई गुड़ी(उत्तरी बंगाल) में होगी। इस जनसभा असफल बनाने के लिए ममता बनर्जी चाहे जितना जोर लगा लें, लेकिन डेढ़ लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। घोष के अनुसार इसके बाद घर-घर दस्तक देने, बूथ स्तर पर तैयारी करने, जनसंपर्क, बाइक रैली, विधानसभा वार 2-2 हजार कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव की तैयारी का कार्यक्रम चलेगा। घोष का कहना है कि यह अभियान चुनाव आचार संहिता के लागू होने तक चलेगा।
मार्च में देंगे कड़ी चुनौती
दिलीप घोष का कहना है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद तृणमूल कांग्रेस और ममता सरकार कोई रोड़ा नहीं अटका पाएगी। भाजपा इसी क्षण का इंतजार कर रही है। उम्मीद है कि मार्च में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। इसके बाद चुनाव आयोग से अनुमति लेकर भाजपा राज्य में बड़ी राजनीतिक चुनौती पेश करेगी। घोष के अनुसार इस पूरे अभियान का राजनीतिक खाका खींचा जा चुका है।