पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल आतंकियों और राष्ट्र-विरोधी लोगों को अड्डा बन चुका है। साथ ही कहा कि बंगाल के हालात कश्मीर से बदतर हो चुके हैं।
दिलीप घोष ने रविवार को उत्तरी 24 परगना जिले के बारानगर में एक भाजपा कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया, हाल ही में अलकायदा के छह आतंकियों को अलीपुरद्वार (उत्तर बंगाल) में गिरफ्तार किया गया है।
भाजपा प्रमुख ने कहा, राज्य के कई स्थानों पर एक नेटवर्क बनाया गया है। यहां तक कि बांग्लादेश के नेता खालिदा जिया ने कहा है कि आतंकवादियों को भारत में प्रशिक्षित किया जा रहा है और अशांति पैदा करने के लिए बांग्लादेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा, बंगाल आतंकवादियों और देशद्रोहियों का केंद्र बन गया है। वे अन्य स्थानों से यहां आकर शरण ले रहे हैं। बंगाल की स्थिति अब कश्मीर से भी बदतर है।
घोष ने कहा, राज्य में रहने वाले लोग डर के साए के बीच रह रहे हैं। उन्होंने कहा, यहां तक कि मेरा नाम भी राष्ट्र-विरोधी लोगों की हिट लिस्ट में शामिल था। मुझ पर अलीपुरद्वार जिले के जयगांव में हमला किया गया जहां रोहिंग्या मुसलमानों को रखा गया है। यदि आप घटना के वीडियो को ध्यान से देखते हैं, तो आप उन्हें उनके दिखावे के माध्यम से पहचान सकते हैं कि वे बंगाल से नहीं हैं।
घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में रोहिंग्याओं और अन्य घुसपैठियों की प्रचुरता है, जिन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को अपना वोट दिया है। उन्होंने कहा, यह बहुत चिंताजनक है कि कुछ राजनीतिक दल आतंकवादियों और असामाजिक तत्वों को शरण दे रहे हैं। हालांकि, भाजपा नेता ने राज्य के लोगों में विश्वास व्यक्त किया कि उन्हें किस पार्टी को वोट देना है। भले ही अन्य सभी दल सामूहिक रूप से भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ें।
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की पश्चिम बंगाल में अगला चुनाव लड़ने की घोषणा पर घोष ने कहा, कई चीजें हो सकती हैं। कई राजनीतिक दल यहां आ सकते हैं और चुनाव लड़ सकते हैं। इससे भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारी पार्टी ने चुनाव कराने के लिए अच्छा माहौल बनाया है।
उन्होंने कहा, बंगाल के लगभग 45 फीसदी लोगों ने भाजपा के लिए अपने वोट डाले। उन्हें हम पर पूरा भरोसा है। टीएमसी, सीपीआई (एम), कांग्रेस, एआईएमआईएम सभी दल एक साथ विलय कर सकते हैं। पार्टी जो विकास चाहती है, वो एक तरफ होगी और जो अशांति पैदा करना चाहते हैं वह दूसरी तरफ होंगे।