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सिंहस्थ कुंभ का कल से आगाज: नासिक-त्र्यंबकेश्वर में ध्वजारोहण से होगी शुरुआत, जानें कब होगा पहला अमृत स्नान

Fri, 30 Oct 2026 02:41 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

महाराष्ट्र के नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए आधिकारिक वेब पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसका शुरुआती संस्करण 31 अक्तूबर को लॉन्च होगा। पोर्टल पर धार्मिक महत्व, मंदिरों, घाटों, यात्रा मार्गों, परिवहन, पार्किंग और ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी मिलेगी, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी।
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सिंहस्थ कुंभ मेला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र के नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाले आगामी 'सिंहस्थ कुंभ मेला' के लिए एक एकीकृत आधिकारिक वेब पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और आने वाले लोगों को उनकी कुंभ यात्रा की योजना बनाने और मार्गदर्शन के लिए एक विश्वसनीय और एकल स्रोत (सिंगल-पॉइंट) जानकारी उपलब्ध कराना है।
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कब से होगा शुरू? 
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 'नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण' (NTKMA) इस वेबसाइट को विकसित कर रहा है। इसका शुरुआती (स्टैटिक) संस्करण 31 अक्तूबर को ध्वजारोहण समारोह के दौरान जारी किया जाएगा।

सिंहस्थ कुंभ मेला आधिकारिक तौर पर होगा शुरू
ध्वजारोहण समारोह के साथ ही नासिक शहर और पास के त्र्यंबकेश्वर मंदिर कस्बे में 'सिंहस्थ कुंभ मेला' आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगा। यह विशाल धार्मिक आयोजन 31 अक्तूबर 2026 से शुरू होकर 2028 के मध्य तक चलेगा। हालांकि, 'अमृत स्नान' के लिए सबसे शुभ दिन 2027 में आएंगे। विज्ञप्ति में बताया गया है कि शुरुआत में, यह पोर्टल 'नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला 2027' की डिजिटल उपस्थिति दर्ज करेगा और इससे जुड़ी बुनियादी जानकारी देगा।
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पोर्टल में क्या होगा? 
इस पोर्टल पर नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ के आध्यात्मिक महत्व, इतिहास, परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में विशेष जानकारी उपलब्ध होगी। यहां प्रमुख मंदिरों, घाटों, अखाड़ों, धार्मिक स्थलों और तीर्थयात्रियों के लिए मार्गदर्शन से जुड़ी जानकारी मिलेगी, जिससे श्रद्धालु इस आयोजन के महत्व को समझ सकेंगे और अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।

यात्रा और कार्यक्रम (इटिनररी) संबंधी जानकारी में हवाई, रेल, सड़क और स्थानीय परिवहन के विकल्प शामिल होंगे। साथ ही, नासिक और लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित त्र्यंबकेश्वर तक पहुंचने के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी। जैसे-जैसे यह प्लेटफॉर्म विकसित होगा, इसमें पार्किंग क्षेत्रों, ट्रैफिक डायवर्जन, प्रवेश और निकास बिंदुओं, शटल सेवाओं, पैदल मार्गों और परिवहन विकल्पों के बारे में भी जानकारी जोड़ी जाएगी।
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