'पाकिस्तान की एआई नीति सेना के नेतृत्व में तैयार की गई'
डीआईएफ ने चेतावनी दी 'अगर एआईटीईसी को सदस्यता मिलती है तो यह एआईएनेट की सुरक्षा, भरोसे और मूल्यों को नुकसान पहुंचा सकता है।' डीआईएफ के सह-संस्थापक और प्रमुख अरविंद गुप्ता ने कहा- 'पाकिस्तान की एआई नीति मुख्य रूप से सेना के नेतृत्व में तैयार की गई है। पाकिस्तान एयर फोर्स का सेंटर ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटिंग रक्षा से जुड़ी एआई तकनीकों को प्राथमिकता देता है, ना कि आम लोगों के भले के लिए एआई नवाचार को।'
यह भी पढ़ें -
ED: 29800 से ज्यादा लोगों ने घर खरीदने के लिए दी जीवन भर की बचत; यूनिटेक कंपनी ने दूसरे कामों में लगाए रुपये
अरविंद गुप्ता ने आगे कहा कि एआईटीईसी की सदस्यता का मकसद भारत और दूसरे देशों की रिसर्च और टेक्नोलॉजी तक पहुंच हासिल करना है, ताकि उसे हथियारों में बदला जा सके। 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पाकिस्तान को ऐसा कोई मौका न मिले'।