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Digital Arrest Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दिया बड़ा आदेश, कहा- पहले डिजिटल अरेस्ट घोटाले की जांच करें

Mon, 01 Dec 2025 02:15 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

सुप्रीम कोर्ट ने आज कई राज्यों से सामने आ चुके डिजिटल अरेस्ट के मामलों पर बड़ा आदेश पारित किया। कोर्ट ने सीबीआई को राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने का निर्देश दिया है। जानिए अदालत ने क्या कुछ कहा?
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने आज सीबीआई को अहम निर्देश दिए। शीर्ष अदालत ने देश की संघीय जांच एजेंसी से कहा कि वह पहले अखिल भारतीय स्तर पर सामने आ चुके डिजिटल अरेस्ट घोटाले के मामलों की जांच करे। सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी राजनीतिक दलों के शासन वाले राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना सहित अन्य राज्यों से भी डिजिटल अरेस्ट के मामलों की जांच के लिए सीबीआई को अनुमति देने को कहा।
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साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए इंटरपोल की सहायता
सुप्रीम कोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े मध्यस्थों को भी निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट के मामलों से संबंधित घटनाओं की जांच में सीबीआई को पूरा विवरण मुहैया कराएं और सहयोग भी प्रदान करें। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि जांच एजेंसी टैक्स के पनाहगाह विदेशी ठिकानों और देशों से संचालित साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए इंटरपोल की सहायता ले।

अदालत रिजर्व बैंक से भी तीखा सवाल पूछा
साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के इस अतिसंवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भी नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत ने पूछा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए एआई या मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया?
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एक यूजर को कई सिमकार्ड बेचने की नीति पर भी टिप्पणी

कोर्ट ने केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि देश में चल रही टेलिकॉम कंपनियां एक यूजर को कई सिम कार्ड उपलब्ध न कराएं। अदालत ने इस बात को रेखांकित किया कि ऐसा करने पर सिम कार्ड्स का उपयोग साइबर अपराधों में हो सकता है।

धोखाधड़ी में संलिप्त होने पर बैंक खाते फ्रीज होंगे
अदालत ने सीबीआई से उन बैंक अधिकारियों की जांच करने को भी कहा है जो नागरिकों को ठगने के लिए धोखेबाजों के साथ मिले हुए हैं। कोर्ट ने कहा, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और उनकी पुलिस एजेंसियां सीबीआई के साथ मिलकर नागरिकों के साथ धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए स्वतंत्र हैं।
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ऑनलाइन अपराधों से निपटने के लिए क्षेत्रीय समन्वय केंद्र बनेंगे
इस मामले पर सरकार की पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल से सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, साइबर अपराधों से निपटने के लिए अदालत के निर्देशों से गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, वित्त सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को भी अवगत कराया जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन अपराधों से निपटने के लिए क्षेत्रीय और राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र स्थापित करने को भी कहा है।

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