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भाजपा की खुशी, कांग्रेस के गम से हटकर है चुनावों की यह तस्वीर

Sat, 21 May 2016 12:03 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय जनता पार्टी खुद को कांग्रेस की जगह स्थापित करने की ओर है। बीते दिनों चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव परिणाम इसी ओर संकेत भी कर रहे हैं लेकिन भाजपा की खुशी और कांग्रेस के गम से हटकर देश की राजनीति का दूसरा चेहरा भी है जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। देश की दो सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के हिस्से विधानसभा की सीटें आधी से भी कम हैं। बीते 30 चुनावों में अन्य ने इन दोनों दलों से ज्यादा सीटें हासिल की हैं।
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28 राज्यों की विधानसभा सीटें इस ओर इशारा कर रही हैं हालांकि इसमें तेलंगाना शामिल नहीं है क्योंकि  बीते बार हुए चुनाव में राज्य आंध्र प्रदेश का ही हिस्सा था। इसमें दो केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और पुडुचेरी भी शामिल नहीं है। बता दें कि 2012 से 2016 तक 4117 विधानसभा सीटों पर 30 चुनाव हुए जिसमें बीते दिनों संपन्न हुए विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं। हालांकि भाजपा इसमें कांग्रेस से आगे है।  कुल 4117 सीटों में से 1,051 सीट भाजपा के हिस्से में है तो वहीं 871 सीटें कांग्रेस के पास है। इन दोनों राष्ट्रीय दलों के हिस्से में 1922 सीटें हैं तो वहीं 2195 सीटों पर क्षेत्रीय दलों और अन्य का कब्जा है।

चुनावी विश्लेषण के दौरान राजनीतिक दलों की स्थिति जानने के लिए  हम यह भी देखेंगे कि यहां भी भाजपा, कांग्रेस से आगे है लेकिन क्षेत्रीय दलों और अन्य से वो यहां पिछड़ जाते हैं। बीते 30 चुनावों में जहां भाजपा तो 12.6 करोड़ मत मिले तो वहीं कांग्रेस को 11.8 करोड़ मत मिले। बाकी के 33.5 करोड़ मत क्षेत्रीय दलों और अन्य के हिस्से हैं। इस तरह से कुल पड़े वैध मतों में से सिर्फ 42 प्रतिशत ही भाजपा और कांग्रेस के हिस्से हैं बाकी के 58 प्रतिशत क्षेत्रीय दलों और अन्य के हिस्से हैं।
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हालांकि यह भी देखना होगा कि कई चुनावों में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल एक साथ चुनाव लड़ते हैं, लेकिन जनता ने मत तो क्षेत्रीय दलों को ही दिए इसलिए वो 58 प्रतिशत वोट का हिस्सा सिर्फ उनका है न कि राष्ट्रीय दलों का। 
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