प्रदेश कांग्रेस के नेता भले ही हर पखवाड़े बैठक कर पार्टी की एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं। लेकिन पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं की आपसी गुटबाजी के चलते दर्जनों ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्त लटक गई है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने मंगलवार देर शाम ब्लाक अध्यक्षों के नामों को एलान कर दिया। लेकिन उन्होंने 280 में से 220 ब्लाकों के अध्यक्षों के नामों की सूचना ही जारी कर सके। खास बात यह है कि उन्होंने आठ विधानसभा क्षेत्र में एक भी ब्लाक अध्यक्ष नहीं बनाया। इन आठ विधानसभा क्षेत्रों में से सात विधानसभा क्षेत्र उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में आते हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के सांसद रहे जयप्रकाश अग्रवाल अपने चहेते कार्यकर्ताओं को ब्लाक अध्यक्ष बनवाना चाहते थे, जबकि अजय माकन अपने करीबियों को इस पद पर आसीन करना चाहते हैं।
दोनों नेताओं के बीच मतभेद के चलते इस संसदीय क्षेत्र के सात विधानसभा क्षेत्र के एक भी ब्लाक का अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया जा सका है। इसी तरह इस संसदीय क्षेत्र के दोनों जिलों के अध्यक्ष भी नहीं बनाए गए थे, जबकि अन्य 12 जिलों के अध्यक्ष बनाए जा चुके है।
दूसरी ओर, अजय माकन बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के भी किसी भी ब्लाक का अध्यक्ष नहीं बना सके। वहीं, उनको इन आठ विधानसभा क्षेत्रों के अलावा अन्य 19 विधानसभा क्षेत्रों में ब्लाक अध्यक्ष बनाने में विरोध का सामना करना पड़ा। वह इन विस क्षेत्रों के 28 ब्लाक में भी अध्यक्ष बनाने में नाकाम रहे।