समान नागिरक संहिता और ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर कांग्रेस में अब दो राय दिखने लगी है। पार्टी जहां साफ कर चुकी है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है , उसके आदेश का इंतजार करना होगा, वहीं रविवार को ही कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व राज्यसभा सदस्य औबेदुल्ला आजमी ने पार्टी लाइन से अलग हटकर इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की सजिश के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का एलान कर दिया।
रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी गुलाब नबी आजाद, यूपी चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष संजय सिंह राष्ट्रीय कार्यालय पर मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने गुजरात, बिहार और यूपी से 18 साल तक राज्यसभा रह चुकेऔबेदुल्ला आजमी को कांग्रेस में शामिल करने का एलान किया। इस दौरान समान नागरिक संहिता और तीन तलाक के मुद्दे पर कांग्रेस और आजमी का राय जुदा नजर आई।
इस बाबत पूछे गए सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने पार्टी का रुख एक बार फिर साफ किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए उसके निर्णय का इंतजार किया जाएगा। पार्टी कुछ नहीं बोलेगी। जबकि पत्रकार वार्ता में ही आजमी ने भी साफ कहा कि 1984 में शाहबानो केस में भी इस मुद्दे को लेकर हमने विरोध में आंदोलन चलाया था और अब भी वह केंद्र सरकार की चालाकी के खिलाफ आंदोलन चलाएंगे। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि वह मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य भी है, इसलिए वह उस हैसियत से अलग आंदोलन करने को स्वतंत्र हैं।