मिली है। हालांकि, सरकार में सहयोगी रहने के कारण भाजपा भी इस बढ़त पर अपना दावा ठोंक रही है।
मेघालय में अकेले उतरी था भाजपा
भाजपा ने पांच साल सत्ता में रहने के बाद चुनाव के समय एनपीपी से नाता तोड़ लिया था और उसने अकेले दम पर चुनाव में उतरने का निर्णय किया था। मेघालय की सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद भी उसे केवल दो सीटों पर सफलता मिली। उसे 9.3 फीसदी (173,042) वोट प्राप्त हुए हैं। पिछले चुनाव में भी उसे केवल दो सीटों पर सफलता मिली थी और उसे 9.6 फीसदी वोट शेयर हासिल हुआ था। इस प्रकार मेघालय में भाजपा के वोट शेयर में आंशिक कमी आई है।
एनपीपी को इस चुनाव में 26 सीटों पर सफलता मिली है और पिछले चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में उसे पांच सीटों का लाभ मिला है। उसका वोट शेयर 20.6 फीसदी से बढ़कर 31.4 फीसदी हो गया है। सही मायने में मेघालय की बढ़त को एनपीपी के खाते में डाला जा सकता है। हालांकि, सरकार में सहयोगी रहने के कारण भाजपा भी अब इस बढ़त को अपना बता रही है।