जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, नेता बयानों के बाण से अपना निशाना साधना तेज करते जा रहे हैं। रविवार को केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने फिर एक ऐसा बयान दिया जिससे ये कयासबाजी लगाई जाने लगी कि उन्होंने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। हाल ही के उनके कुछ बयानों को प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस के बीच बढ़ती कथित दूरी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
नितिन गडकरी के सम्बन्ध सभी दलों के राजनेताओं से अच्छे बताये जाते हैं। यहां तक कि उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले अरविन्द केजरीवाल से भी उनके संबंध बेहतर बताये जाते हैं। छब्बीस जनवरी को भी उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ राजपथ पर गुफ्तगू करते हुए देखा गया था। मोदी के नाम पर लगातार रार ठान रही शिवसेना भी गडकरी का नाम अगले लोकसभा चुनाव में पीएम पद के प्रत्याशी के तौर पर उछाल रही है। यानी अगर अगले लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा बहुमत से कुछ पीछे ठिठक जाती है और दूसरे दलों से समर्थन की जरूरत पड़ती है तो ऐसे में नितिन गडकरी को आगे प्रोजेक्ट किया जा सकता है। माना जाता है कि प्रधानमंत्री की छवि के कारण उनके नाम पर समर्थन जुटाने में पार्टी को मुश्किल आ सकती है।
हालांकि गडकरी के इस बयान पर पार्टी ने सफाई दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ वकील नलिन कोहली ने कहा कि नितिन गडकरी का बयान गलत ढंग से पेश किया जा रहा है। उन्होंने जो टिप्पणी की है, वह उन दूसरी सरकारों के लिए है जो वायदे करने के बाद भी पूरे नहीं करती हैं। कोहली के मुताबिक़ केंद्र की भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बहुत अच्छे ढंग से काम कर रही है और आने वाले चुनाव में वे बड़ी जीत हासिल करेंगे।