ऐसे वक्त में जब सीमा पर भारत और चीन के बीच भारी तनाव है तो देश के भीतर चीन के साथ भारत की नीतियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बुधवार को लोकसभा में मुलायम सिंह ने कहा कि भारत ने तिब्बत को चीन का हिस्सा मानकर बड़ी भूल की थी। मुलायम सिंह ने यहां तक कह दिया कि चीन ने भारत पर हमले की तैयारी कर ली है। आरसएस की पत्रिका ऑर्गेनाइजर के पूर्व संपादक शेषाद्री चारी भी मुलायम सिंह की बातों से सहमत हैं कि भारत ने तिब्बत को चीन का हिस्सा मानकर बड़ी भूल की थी। उन्होंने कहा कि पहली बार 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने तिब्बत को चीन का हिस्सा माना और चीन ने सिक्किम को भारत का हिस्सा।
हालांकि शेषाद्री चारी कहते हैं कि यह भारत का दूरदर्शी भरा कदम नहीं था। प्रधानमंत्री बनने से पहले वाजपेयी तिब्बत को स्वतंत्र देश के रूप में रेखांकित करते थे। ऐसे में प्रधानमंत्री बनने के बाद वाजपेयी का यह कदम सबको हैरान करने वाला था। शेषाद्री चारी भी वाजपेयी के कदम से हैरान हुए थे। आखिर वाजपेयी के सामने ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद तिब्बत पर अपना रुख बदल लिया।
शेषाद्री चारी कहते हैं, "हमारी वो रणनीतिक भूल थी और हमने बहुत जल्दीबाजी में ऐसा किया था। हमें तिब्बत को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए था। शुरू से हमें एक स्टैंड पर कायम रहना चाहिए था। हमें बिल्कुल साफ कहना चाहिए था कि चीन ने तिब्बत पर अवैध कब्जा कर रखा है और यह स्वीकार नहीं है।"