पुलिस ने बताया कि असम के नगांव जिले के रुपालीहाट क्षेत्र में सांसद रकीबुल हुसैन पर हमला हुआ। जब वे पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में भाग लेने जा रहे थे, इस दौरान हाथों में क्रिकेट बैट लिए कुछ लोग आए और सांसद पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि सभी के चेहरे काले कपड़े से ढके हुए थे। सांसद के निजी सुरक्षाकर्मी ने उनको बचाने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने उन पर भी हमला कर दिया।
असम की धुबरी लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी पर गुरुवार को अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया। सांसद के सुरक्षाकर्मियों ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। घायल सांसद को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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पुलिस ने बताया कि असम के नगांव जिले के रुपालीहाट क्षेत्र में सांसद रकीबुल हुसैन पर हमला हुआ। जब वे पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में भाग लेने जा रहे थे, इस दौरान हाथों में क्रिकेट बैट लिए कुछ लोग आए और सांसद पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि सभी के चेहरे काले कपड़े से ढके हुए थे। सांसद के निजी सुरक्षाकर्मी ने उनको बचाने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने उन पर भी हमला कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और सांसद को अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस ने बताया कि सांसद की चोटों के बारे में अभी पता नहीं चला है। हमलावर मौके से फरार हो गए हैं। घटना की जांच शुरू कर दी है।
10 लाख से अधिक वोटों से जीते थे हुसैन
रकीबुल हुसैन ने पिछले साल धुबरी लोकसभा सीट से 10 लाख से अधिक वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी। रकीबुल हुसैन पिछले 23 साल से सामागुरी विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस साल लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने इस सीट को खाली कर दिया था। उनके बेटे ने सामागुरी विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव लड़ा था। वह भाजपा उम्मीदवार डिप्लू रंजन सरमा से हार गए थे। पिछले साल नवंबर में उपचुनावों के दौरान निर्वाचन क्षेत्र और आसपास के इलाकों में हिंसा की कई घटनाएं हुई थीं।
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असम में खतरे में है लोकतंत्र: गोगोई
सांसद रकीबुल हुसैन पर हमले के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने असम के सीएम पर हमला बोला। गोगोई ने कहा कि असम में लोकतंत्र खतरे में है और राज्य के लोग गुंडा राज से आजादी चाहते हैं। असम में कांग्रेस के एक लोकसभा सांसद पर एक व्यस्त बाजार में दिनदहाड़े कथित तौर पर बदमाशों ने हमला किया। गुंडों ने पुलिस सुरक्षा अधिकारियों पर भी हमला किया और उनके हथियार छीनने की कोशिश की। यह सब कैमरे में रिकॉर्ड किया गया है।
गोगोई ने कहा कि फिर भी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह सुनिश्चित करने से इनकार कर दिया कि हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री को कम से कम असम पुलिस और बाजार में निर्दोष नागरिकों के प्रति अपने सांविधानिक कर्तव्य के बारे में सोचना चाहिए। अगर गुंडों ने मशीन गन पकड़ ली होती, तो एक भयानक त्रासदी हो सकती थी। मुख्यमंत्री के रवैये से चोरों, डकैतों, तस्करों और हत्या के आरोपियों का हौसला बढ़ेगा।