प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में पता चला है कि डीएचएफएल समूह के धीरज वधावन और ईस्ट कोस्ट एलएलसी ने कथित तौर पर दुबई में चार वाणिज्यिक संपत्तियां गैंगस्टर इकबाल मिर्ची के बेटे इकबाल मेमन को बेहद कम दाम में हस्तांतरित की थीं।
ईडी के एक अधिकारी के अनुसार, धीरज और ईस्ट कोस्ट एलएलसी (डीईसी) ने दुबई में मरसा स्थित 3000 वर्गफीट से अधिक की चार वाणिज्यिक संपत्तियां 2015 में मेमन को दी थीं।
इसके साथ ही डीईसी ने दुबई के बिजनेस-बे फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट स्थित 10 वाणिज्यिक संपत्तियां भी मेमन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। ये संपत्तियां 57 फीसदी छूट पर दी गईं।
ईडी को पता चला कि इन संपत्तियों का बाजार मूल्य 21 करोड़ रुपये से अधिक था। ईडी ने धन शोधन रोधी कानून-2002 के तहत मिर्ची के परिवार के सदस्यों से संबंधित दुबई में 15 संपत्तियों को अस्थायी तौर पर जब्त किया है।
इनमें एक होटल मिडवेस्ट होटल अपार्टमेंट और 14 वाणिज्यिक व आवासीय संपत्तियां हैं। इनकी कीमत करीब 203.27 करोड़ रुपये है। ईडी ने दिसंबर 2019 में 573 करोड़ की कीमत की संपत्तियों को जब्त करने के आदेश दिए थे। इस मामले में अब तक 776 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी तौर पर जब्त की जा चुकी हैं।
जांच एजेंसी ने पिछले साल 26 सितंबर को पीएमएलए के तहत इकबाल मेमन उर्फ मिर्ची और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। इस मामले में कपिल वधावन, धीरज वधावन और हुमायूं मर्चेंट समेत पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
दिसंबर 2019 में विशेष पीएमएलए कोर्ट के समक्ष अभियोजन शिकायत दाखिल की गई थी। कोर्ट ने इकबाल मिर्ची के दो बेटों आसिफ मेमन और जुनैद मेमन तथा इकबाल की पत्नी हाजरा मेमन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।