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जज्बा: धारावी की झुग्गी में रहने वाले उमेश कीलू 13वें प्रयास में बने लेफ्टिनेंट, 10*10 फुट के घर में रहते थे

Sun, 10 Mar 2024 06:09 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

उमेश मूलतः आंध्र के हैं, लेकिन उनका जन्म और पालन-पोषण सायन कोलीवाड़ा झुग्गी बस्ती में हुआ। धारावी की झुग्गी बस्ती में उनका 10 गुणा 10 फुट का घर था। उनके पिता पेंटिंग करते थे, लेकिन 2013 में उन्हें लकवा मार गया।
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पासिंग आउट परेड। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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जब कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो सफलता कदम चूमती है। मुंबई की झुग्गी बस्ती धारावी में पले-बढ़े उमेश कीलू आखिरकार अपने 13वें प्रयास में सेना के अफसर बन गए। कीलू शनिवार को चेन्नई में आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) से अपना पाठ्यक्रम पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए। वह धारावी झुग्गी बस्ती के पहले युवा हैं जो सेना में अधिकारी बने हैं।

उमेश मूलतः आंध्र के हैं, लेकिन उनका जन्म और पालन-पोषण सायन कोलीवाड़ा झुग्गी बस्ती में हुआ। धारावी की झुग्गी बस्ती में उनका 10 गुणा 10 फुट का घर था। उनके पिता पेंटिंग करते थे, लेकिन 2013 में उन्हें लकवा मार गया। बाद में उनका निधन हो गया और परिवार की कमाई बंद हो गई। इस दौरान उमेश ने आईटी में विज्ञान स्नातक की डिग्री और कंप्यूटर विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने एनसीसी एयर विंग में भी काम किया और 'सी' प्रमाणपत्र हासिल किया।

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