फर्जी बिल के जरिये धोखाधड़ी की शिकायतों पर जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) और सीजीएसअी आयुक्तों ने अभियान चलाकर देशभर में तीन हफ्ते में 104 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इन पर फर्जी जीएसटी चालान से अवैध कंपनियों के नाम पर इनपुट टैक्स क्रेडिट जुटाने का आरोप है। शुक्रवार को आठ गिरफ्तारियां हुई हैं। 114 फर्जी जीएसटी कंपनियों का खुलासा कर इनके खिलाफ 65 मामले भी दर्ज किए गए।
देशव्यापी अभियान के तहत 3,479 फर्जी कंपनियों के खिलाफ 1,161 केस दर्ज हुए हैं। तीन हफ्ते में 38 से अधिक शहरों में छापे मारे गए। इनमें कई महानगर भी हैं।
डीजीजीआई के अधिकारियों ने दिल्ली, मुंबई, मेरठ, कानपुर, गुरुग्राम, उन्नाव, लखनऊ, अहमदाबाद, जम्मू, लुधियाना, भोपाल, जयपुर, कोलकाता, नागपुर, चेन्नई, राजकोट, पुणे, रांची, विशाखापत्तनम, कोयंबटूर, सूरत, वडोदरा, गुवाहाटी, रायपुर, भिलाई, जोधपुर में कई गिरोहों का पर्दाफाश किया और कर चोरी पकड़ी।
इस दौरान कुछ बड़े सरगनाओं ने अलग-अलग अदालतों में जमानत अर्जी भी दीं लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। मुंबई की सत्र अदालत ने मौजूदा विधायक के बेटे और सुनील हाईटेक के प्रबंध निदेशक सुनील रत्नाकर गुट्टे को जमानत नहीं दी। गुट्टे को 520 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उसकी रिमांड आठ महीने के लिए बढ़ा दी है।