विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, डीजीएफटी अधिकारी ने शनिवार को राजकोट के अपने कार्यालय की चौथी मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगा दी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इसके बारे में जानकारी दी।
डीजीएफटी अधिकारी ने की आत्महत्या
गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुजरात के राजकोट शहर में विदेश व्यापार महानिदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी जवरी मल बिश्नोई को कथित रूप से पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी मामले में सीबीआई शनिवार को एक इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित उनके कार्यालय की तलाशी ले रही थी। पुलिस उपायुक्त सुधीर देसाई ने बताया कि जब यह घटना हुई तब सीबीआई उनके कार्यालय की तलाशी ले रही थी। रात भर उनके कार्यालय में तलाशी अभियान चलाने के बाद सुबह लगभग 9.45 बजे आरोपी अचानक खिड़की की ओर भागा और खिड़की से बाहर छलांग लगा दी।
ले जाया गया सिविल अस्पताल
उन्होंने आगे बताया कि चौथी मंजिल से गिरने के कारण आरोपी अधिकारी को गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आनन-फानन में उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस उपायुक्त सुधीर देसाई ने बताया कि घटना के संबंध में प्रद्युम्न नगर पुलिस थाने में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। साथ ही मामले में जांच की जा रही है। इस संबंध में सीबीआई अधिकारियों का बयान लिया जाएगा।
वहीं, इस दौरान लोगों के एक समूह ने आरोपी अधिकारी बिश्नोई की मौत का सीबीआई पर आरोप लगाते हुए सिविल अस्पताल में विरोध किया। जिसके बाद अस्पताल में मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने सीबीआई अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान की।
मांगी थी पांच लाख की रिश्वत
सीबीआई के मुताबिक, संयुक्त महानिदेशक, डीजीएफटी के पद पर तैनात आरोपी जेएम बिश्नोई ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 9 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने पहली किश्त के रूप में 5 लाख रुपये की मांग की और शिकायतकर्ता को शेष राशि एनओसी सौंपने के समय देने को कहा। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये लेते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।