इसके मुताबिक साप्ताहिक विश्राम अवधि को बढ़ाकर 48 घंटे करना, रात्रि घंटों को बढ़ाना और रात में लैंडिंग की संख्या को पहले की छह की तुलना में केवल दो तक सीमित करना शामिल है।
विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने अगले हफ्ते नई दिल्ली में एयरलाइन ऑपरेटरों और पायलटों के संगठनों के साथ एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में कॉकपिट क्रू की ड्यूटी और आराम के मानदंडों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। डीजीसीए की ओर से दो पायलटों वाले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों के संचालन के लिए ज्यादा रात में लैंडिंग और ड्यूटी समय विस्तार की रियायतें शामिल हैं।
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नवीनतम उड़ान ड्यूटी समय सीमा मानदंड का शुरुआत में इंडिगो और एयर इंडिया सहित घरेलू एयरलाइनों ने विरोध किया था। इसके मुताबिक साप्ताहिक विश्राम अवधि को बढ़ाकर 48 घंटे करना, रात्रि घंटों को बढ़ाना और रात में लैंडिंग की संख्या को पहले की छह की तुलना में केवल दो तक सीमित करना शामिल है।
बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों पर डीजीसीए ने इन्हें लागू कर दिया। हालांकि एक वर्ष से ज्यादा की देरी के बाद और चरणबद्ध तरीके से पहला चरण जून में और दूसरा चरण इसी महीने लागू किया गया है। एक सूत्र ने बताया, "डीजीसीए ने विभिन्न एयरलाइनों को दी जाने वाली छूट पर चर्चा के लिए आगामी सोमवार को फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) और एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन (एएलपीए-इंडिया) के साथ एक बैठक बुलाई है, जिसके बाद एफआरएमएस पर एक और बैठक होगी।"
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पायलटों के संगठनों का आरोप है कि एफडीटीएल मानदंडों में बदलाव, जिन्हें सरकार ने जनवरी 2024 में अपनी घोषणा के समय ऐतिहासिक और 'पायलटों की थकान दूर करने और उड़ान सुरक्षा बढ़ाने' वाला बताया था, निजी एयरलाइनों के व्यावसायिक हितों को पूरा करने के लिए किया गया है।
एफआईपी तो दिल्ली हाईकोर्ट में नियामक के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की हद तक जा पहुंचा है। भारत में केवल दो एयरलाइनें, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया और इंडिगो, बी787 का संचालन करती हैं। लेकिन एयर इंडिया के विमानों के विपरीत, जो यहां डीजीसीए के साथ पंजीकृत हैं, इंडिगो बी787 एक विदेशी पट्टादाता से डैम्प लीज पर होने के कारण भारतीय विमानन सुरक्षा नियामक के अंतर्गत नहीं आते हैं।