उड्डयन नियामक डीजीसीए ने बृहस्पतिवार को भारतीय हवाई क्षेत्र में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया। एकतरफ एयर एशिया के दो पायलटों एम. इंदिरा गांधी और विशाल अग्रवाल के फ्लाइंग लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए गए। दूसरी तरफ, कालीकट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 2 जुलाई को दमाम से आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट की पूंछ लैंडिंग के दौरान टकरा जाने के हादसे में वहां के एयरपोर्ट निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 15 फरवरी को बागडोगरा एयरपोर्ट पर एयर एशिया के ए320 विमान के बाएं विंग पर लगा शार्कलेट हवाई पट्टी पर करीब 180 डिग्री का मोड़ लेते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह विमान बंगलूरू जा रहा था। इस अधिकारी ने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दोनों पायलटों के फ्लाइंग लाइसेंस को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। हालांकि यह सजा दुर्घटना के दिन यानी 15 फरवरी से ही लागू मानी जाएगी।
उधर, डीजीसीए के एक सूत्र ने बताया कि कालीकट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हादसे में हवाई पट्टी के कई अहम क्षेत्र सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। इसी कारण एयरपोर्ट निदेशक के. श्रीनिवास राव को कारण बताओ नोटिस भेजकर 15 दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है।
कोलकाता में स्पाइसजेट कर्मचारी की मौत की होगी जांच
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोलकाता एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट के एक तकनीकी कर्मचारी की मेंटिनेंस कार्य के दौरान हुई मौत के मामले में डीजीसीए विस्तृत जांच करेगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 1.45 बजे एक बोंबार्डियर क्यू-400 विमान के मेन लैंडिंग गियर के हाइड्रोलिक डोर फ्लैप अचानक बंद हो जाने से उनके बीच गर्दन फंस जाने पर 22 साल के रोहित पांडे की मौत हो गई थी। इस मामले में एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जबकि डीजीसीए ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।