Aviation: डीजीसीए ने इंडिगो से जुड़े उड़ान व्यवधानों के बाद सभी एयरलाइनों के किराये, मार्ग और बाजार हिस्सेदारी की जानकारी सीसीआई को सौंपी है। सीसीआई दिसंबर 2025 की घटनाओं के आधार पर यह जांच कर रहा है कि क्या इंडिगो ने अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग कर अनुचित प्रतिस्पर्धा की। पढ़ें रिपोर्ट-
विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सभी तय एयरलाइनों की मार्ग संबंधी जानकारी, बाजार हिस्सेदारी और औसत हवाई किराया सहित विभिन्न विवरण भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को प्रदान किया है। आयोग इस बात का आकलन कर रहा है कि क्या देश की सबसे बड़ी एयरलाइन अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं में शामिल है या नहीं।
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दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधान देखने को मिला। इसके बाद सीसीआई ने इंडिगो की व्यावसायिक प्रथाओं का आकलन करने का फैसला लिया।
विमानन राज्यमंत्री ने राज्यसभा में सवालों के दिए जवाब
एयरलाइन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा से जुड़े सवालों का विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को राज्यसभा में जवाब दिया। उन्होंने बताया कि सरकार उपभोक्ता कल्याण की रक्षा और निष्पक्ष बाजार प्रथाओं को बनाए रखने के लिए जरूरत के अनुसार नियामक ढांचे और नीतिगत उपायों की समीक्षा करना जारी रखेगी।
सीसीआई को उपलब्ध करा दी गई है जानकारी: मुरलीधर मोहोल
मार्ग आवंटन और किराये में किसी तरह के प्रभुत्व के दुरुपयोग की निगरानी और समाधान के लिए सीसीआई या अन्य नियामकों के साथ समन्वय को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने बताया कि 23 दिसंबर को सीसीआई ने डीजीसीए से कुछ जानकारियां मांगी थीं। मांगी गई जानकारी में यात्रियों की संख्या, मार्गों से जुड़ी जानकारी, बाजार हिस्सेदारी और सभी निर्धारित एयरलाइनों के औसत हवाई किराए शामिल थे। मोहोल ने लिखित जवाब में कहा, मांगी गई जानकारी डीजीसीए की ओर से 13 जनवरी 2026 को सीसीआई को उपलब्ध करा दी गई है।
सीसीआई बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पर नजर रखता है और सबसे पहले किसी मामले की प्रारंभिक जांच करता है।
यदि प्रारंभिक रूप से यह पाया जाता है कि किसी संस्था ने प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन किया है, तो नियामक अपने महानिदेशक की ओर से विस्तृत जांच का आदेश देता है।
फिलहाल इंडिगो के मामले में प्रतिस्पर्धा निगरानी संस्था यह जांच कर रही है कि क्या प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों के कोई प्रारंभिक सबूत मौजूद हैं।
इस जांच में मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि क्या एयरलाइन ने अपने दबदबे का दुरुपयोग किया है और प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन किया है।