भारत की विमानन नियामक संस्था, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बोइंग से एअर इंडिया की फ्लाइट एआई117 पर बिना कमांड आरएटी (रैम एयर टर्बाइन) के खुलने की घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। डीजीसीए ने एअर इंडिया को भी सलाह दी है कि सभी प्रभावित विमानों में आरएटी स्टोरेज और हाल ही में बदले गए पावर नियंत्रण मॉड्यूल (पीसीएम) की जांच की जाए। एक वरिष्ठ डीजीसीए अधिकारी ने बताया, 'बोइंग को निर्देश दिया गया है कि वह घटना की पूरी जांच रिपोर्ट, बोइंग 787 विमानों में इस तरह की घटनाओं का वैश्विक डेटा और पीसीएम बदलाव के बाद ऑपरेटरों की रिपोर्ट जमा करें। साथ ही रोकथाम-संबंधी उपाय की जानकारी भी दें।'
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एअर इंडिया को डीजीसीए ने दिए निर्देश
डीजीसीए ने एअर इंडिया को यह भी कहा है कि वह अपने डी चेक वर्क पैकेज की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि पीसीएम मॉड्यूल बदलाव से संबंधित सभी जरूरी कार्य सही तरीके से किए गए हैं। आरएटी स्टोरेज की फिर से जांच उन सभी बोइंग 787 विमानों पर की जाएगी, जिनमें हाल ही में पीसीएम मॉड्यूल बदला गया है।
हाल ही में बिना कमांड के खुला RAT
घटना के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा, 'एआई-117, जो बोइंग 787-8 (वीटी-एएनओ) था, अमृतसर से बर्मिंघम की उड़ान पर था। 5 अक्तूबर 2025 को लैंडिंग के समय 400 फीट की ऊंचाई पर आरएटी बिना कमांड के खुल गया। पायलट ने किसी भी असामान्य स्थिति की रिपोर्ट नहीं दी और विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया।' बोइंग ने कहा कि अनचाही आरएटी तैनाती की मेंटेनेंस कार्रवाई की गई थी और किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली। विमान को सेवाएं देने के लिए मंजूरी दे दी गई और यह दिल्ली लौट आया। डीजीसीए इस घटना की जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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पायलट संघ ने बोइंग 787 की सुरक्षा पर जताई चिंता
इधर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने हाल ही में एअर इंडिया के विमानों में इलेक्ट्रिकल सिस्टम और मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। एफआईपी के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि बोइंग 787 विमानों को तत्काल जमीन पर रोका जाए और उनकी इलेक्ट्रिकल सिस्टम की पूरी जांच की जाए। उन्होंने एअर इंडिया फ्लाइट 171 के क्रैश की न्यायिक जांच की लंबे समय से मांग की है, जो अभी तक नहीं हुई। रंधावा ने कहा, 'एआई-171 दुर्घटना के बाद से हमने बार-बार मंत्रालय से न्यायिक जांच की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।'
एअर इंडिया के मेंटेनेंस बदलाव पर भी चिंता
एफआईपी ने एअर इंडिया के मेंटेनेंस बदलाव पर भी चिंता जताई। एयर इंडिया ने एआईईएसएल (सरकारी मेंटेनेंस एजेंसी) के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया है और नए इंजीनियरों को नियुक्त किया है, जिनका अनुभव सीमित है। रंधावा ने कहा, 'नए इंजीनियरों के अनुभव की कमी के कारण विमान की मेंटेनेंस में समस्याएं आ रही हैं। इससे विमानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।'
एफआईपी ने हाल ही में दो गंभीर घटनाओं का किया जिक्र
पहली घटना: एआई-117 5 अक्तूबर- आरएटी बिना कमांड के खुल गया। दूसरी घटना: एआई-154 9 अक्तूबर- विएना से दिल्ली जा रही फ्लाइट को इलेक्ट्रिकल और ऑटो पायलट सिस्टम में गंभीर गड़बड़ी के कारण दुबई में डायवर्ट करना पड़ा। एफआईपी ने कहा कि ये घटनाएं एअर इंडिया के मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों में गिरावट को दर्शाती हैं। उन्होंने डीजीसीए और मंत्रालय से अनुरोध किया कि एअर इंडिया के सभी बोइंग 787 विमानों की इलेक्ट्रिकल सिस्टम की पूरी जांच की जाए। बोइंग 787 को तब तक जमीन पर रोका जाए जब तक सभी सुरक्षा जांच पूरी नहीं हो जाती। एअर इंडिया के मेंटेनेंस कार्यों की विशेष डीजीसीए ऑडिट की जाए। एअर इंडिया ने एआई-154 विमान में किसी इलेक्ट्रिकल फेल्योर की जानकारी से इनकार किया है।