देश की विमानन नियामक संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में लगातार हो रही देरी और रद्दीकरण को लेकर जांच शुरू कर दी है। डीजीसीए ने कहा है कि वह स्थिति की बारीकी से समीक्षा कर रही है और ऐसे कदमों पर विचार कर रही है, जिनसे यात्रियों को हो रही असुविधा कम हो सके।
यह भी पढ़ें -
Indigo: खत्म नहीं हो रही इंडिगो की मुश्किलें! एक तरफ क्रू की कमी, दूसरी तरफ 117 करोड़ का जुर्माना
इंडिगो से डीजीसीए ने मांगा पूरा विवरण
डीजीसीए की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इंडिगो को निर्देश दिया गया है कि वह मौजूदा व्यवधानों की वजहों का पूरा विवरण पेश करे। इसके साथ ही एयरलाइन से यह भी पूछा गया है कि वह स्थिति में सुधार के लिए क्या कदम उठा रही है।
एयरलाइन को बताने होंगे रद्दीकरण के वजह और आगे की योजना
नियामक ने साफ किया कि एयरलाइन को न केवल कारण बताने होंगे, बल्कि यह भी बताना होगा कि आगे ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए उसकी योजना क्या है। हवाई यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो तथा प्रतिक्रिया को देखते हुए डीजीसीए इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
यह भी पढ़ें -
BrahMos: पाकिस्तान को धूल चटाने वाला ब्रह्मोस और होगा घातक, पुतिन के भारत दौरे पर एडवांस वर्जन पर चर्चा संभव
जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाए जाएंगे- डीजीसीए
एविएशन सेक्टर में इंडिगो भारत की प्रमुख एयरलाइन मानी जाती है। ऐसे में उसकी उड़ानों में बार-बार हो रही गड़बड़ी से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है- कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ उड़ानें अचानक रद्द भी हुईं। डीजीसीए ने कहा कि वह स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाए जाएंगे ताकि समय पर उड़ान संचालन सुनिश्चित हो सके और यात्रियों का भरोसा बना रहे।
इंडिगो की कुल 1232 उड़ानें रद्द
इंडिगो ने हाल के परिचालन का सारांश प्रस्तुत किया - इस अवधि के दौरान कुल 1232 उड़ानें रद्द की गईं। इन रद्दीकरणों का एक बड़ा हिस्सा चालक दल/एफडीटीएल अनुपालन और हवाई अड्डे/हवाई क्षेत्र/एटीसी से संबंधित कारकों के कारण हुआ, जिनमें से कई ऑपरेटर के प्रत्यक्ष नियंत्रण से परे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि नवंबर में कुल ओटीपी 67.70% रहा, जबकि अक्तूबर में यह 84.1% था।
नवंबर में बढ़ी उड़ानें रद्द होने की घटनाएं
डीजीसीए के मुताबिक नवंबर में कुल 1,232 उड़ानें रद्द हुईं। इसमें 755 उड़ानें क्रू और एफडीटीएल नियमों के चलते, 258 उड़ानें एयरपोर्ट/एयरस्पेस प्रतिबंध के कारण, 92 उड़ानें एटीसी सिस्टम में गड़बड़ी के कारण, 127 उड़ानें अन्य कारणों से रद्द हुईं।
इंडिगो ने माफी मांगी, 48 घंटे में सुधार का भरोसा
एयरलाइन ने कहा, 'हमारी टीम लगातार काम कर रही है ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। अगले 48 घंटों में स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।' प्रभावित यात्रियों को नई टिकट या रिफंड की सुविधा दी जा रही है।