सार
भारत में घरेलू हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या जुलाई 2025 में घटकर 1.26 करोड़ रह गई, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 2.94% कम है। एयर इंडिया की हिस्सेदारी और लोड फैक्टर में गिरावट दर्ज हुई। इंडिगो ने बाजार में मजबूती बनाए रखी और समय पर उड़ानों में अव्वल रही।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भारत में घरेलू हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या को लेकर आंकड़ा जारी किया। इसके तहत भारत में घरेलू हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या जुलाई 2025 में घटकर 1.26 करोड़ रह गई, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 2.94% कम है। यह जानकारी बुधवार को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी आंकड़ों से सामने आई है। इस गिरावट की एक बड़ी वजह 12 जून को एअर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट के हादसे को माना जा रहा है, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी।
एअर इंडिया ग्रुप को लगा झटका
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि एअर इंडिया ग्रुप को जुलाई में बड़ा झटका लगा है। कंपनी का बाजार हिस्सा एक प्रतिशत घटकर 33.08 लाख यात्रियों पर आ गया, जबकि जून में भी इतने ही यात्रियों ने एअर इंडिया की उड़ान भरी थी। जून के आखिरी हफ्ते में एअर इंडिया ने अपनी घरेलू उड़ानों की क्षमता में 5% की कटौती की थी ताकि अपने विमानों की जांच करवा सके। एअर इंडिया ग्रुप की लोड फैक्टर (उड़ानों में सीट भरने का प्रतिशत) भी 81.5% से घटकर 78.6% रह गई।
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इंडिगो ने बाजार में बढ़ाया हिस्सा
इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपना बाजार हिस्सा बढ़ाकर 65.2% कर लिया, जो जून में 64.5% था। हालांकि यात्रियों की संख्या में गिरावट आई। जून में 87.74 लाख यात्रियों की तुलना में जुलाई में 82.15 लाख यात्रियों ने इंडिगो से यात्रा की। वहीं बात अगर अकासा एयर की करें तो अकासा ने बाजार हिस्सा बढ़कर 5.5% हो गया। स्पाइसजेट का बाजार हिस्सा 2% रहा।
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समय पर उड़ानों में इंडिगो सबसे आगे
डीजीसीए के द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया कि समय पर उड़ान भरने के मामले में इंडिगो ने शानदार प्रदर्शन किया और 91.4% की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस के साथ सबसे आगे रही। गौरतलब है कि यह आंकड़े देश के छह बड़े एयरपोर्ट (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद) पर आधारित हैं।