नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अभद्र व्यवहार करने वाले यात्रियों से निपटने के लिए सख्त नियमों का प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें विमानन कंपनियों को ऐसे यात्रियों पर 30 दिन तक के लिए उड़ान प्रतिबंध लगाने की अनुमति देना भी शामिल है। विमानन नियामक ने संशोधित मसौदा नियमावली में कहा कि विमान/व्यक्तियों/संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उड़ानों में अनुशासन बनाए रखने के लिए ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति’’ अपनाई गई है।
हर श्रेणी के अनुसार उड़ान पर अलग-अलग अवधि का प्रतिबंध लगाया जाएगा। दोषी यात्रियों को नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जा सकता है। ड्राफ्ट नियमों के तहत एयरलाइंस को ऐसे यात्रियों का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। यह रिकॉर्ड डीजीसीए के साथ साझा किया जाएगा। हालांकि संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। डीजीसीए का मानना है कि इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हवाई यात्रा को सुरक्षित व सुविधाजनक बनाना है।
रिकॉर्ड में शामिल होंगे: नाम, संपर्क विवरण, पहचान पत्र, घटना का विवरण और प्रतिबंध अवधि।
बनेगी तीन सदस्यीय समिति
नए प्रावधान के तहत तीन सदस्यों की एक समिति बनाई जाएगी। सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष) एयरलाइंस के प्रतिनिधि (सदस्य) और उपभोक्ता संगठन/यात्री संघ के प्रतिनिधि या सेवानिवृत्त अधिकारी (सदस्य) शामिल होंगे। यात्री को अधिकार होगा कि वह नोटिस प्राप्त होने की स्थिति में 60 दिन के अंदर समिति के समक्ष अपील कर सकता है।