स्पाइस जेट की फ्लाइट सोमवार को मुंबई एयरपोर्ट के मुख्य रनवे पर फिसल गई
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नागर विमानन निगरानी संस्था डीजीसीए लैंडिंग के बाद विमानों के रनवे पर फिसलने की कई घटनाओं के मद्देनजर एयरलाइनों को सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किया। पिछले दो दिनों में कम से कम दो घटनाओं में खराब मौसम के बीच कमर्शियल विमान लैंडिंग के बाद रनवे पर फिसल गए।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) में एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि वह लैंडिंग के बाद विमानों के रनवे पर फिसलने की घटनाओं की जांच कर रहा है।
गौरतलब है कि एक जुलाई को जयपुर से उड़ान भरने वाला स्पाइसजेट का एक विमान भारी बारिश के बीच मुंबई हवाई अड्डे पर उतरने के बाद मुख्य रनवे पर फिसल गया। 30 जून को भोपाल से स्पाइसजेट का एक अन्य विमान भारी बारिश और तेज हवा के कारण सूरत हवाई अड्डे पर रनवे से फिसल गया था।
एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी एक विमान 30 जून को मंगलुरू हवाईअड्डे पर लैंडिंग के बाद फिसल गया था और नरम मैदान में फंस गया था।
डीजीसीए ने मुंबई हवाई अड्डे पर बारिश के कारण विमानों का संचालन बाधित होने पर एक सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि एयरलाइनों को विपरीत मौसम में विमानों का संचालन करने से पहले खतरे का आकलन कर लेना चाहिए।
डीजीसीए ने विमानों के रनवे पर फिसलने की घटनाओं के बाद कहा, विमान के क्रू सदस्यों को विपरीत मौसम में संचालन के दौरान विमान की रुकावटों के बारे में अच्छी तरह परिचित होना चाहिए।