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DGCA: ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हेलीकॉप्टर पायलटों के लिए नई गाइडलाइंस, हादसों के बाद लिया फैसला

Tue, 30 May 2023 12:05 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्तूबर 2022 में केदारनाथ में एक हेलीकॉप्टर हादसे में छह तीर्थयात्रियों और एक पायलट की मौत हो गई थी। कुछ समय पहले ही उत्तराखंड के एक वरिष्ठ अधिकारी भी हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गए थे। 
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केदारनाथ जोन में उड़ान भरता हेलीकॉप्टर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA)ने हिमालय के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हेलीकॉप्टर पायलटों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन गाइडलाइंस के तहत पायलटों को एक अतिरिक्त हिल चेक की ट्रेनिंग दी जाएगी और फिर सख्ती से इन गाइडलाइंस को लागू किया जाएगा। बता दें कि ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हेलीकॉप्टर हादसों की कई खबरें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में चारधाम यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। 
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हेलीकॉप्टर हादसों के बाद लिया फैसला
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत हिमालय क्षेत्र में हेलीकॉप्टर उड़ाने वाले पायलटों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए डीजीसीए ने नए नियम जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि अक्तूबर 2022 में केदारनाथ में एक हेलीकॉप्टर हादसे में छह तीर्थयात्रियों और एक पायलट की मौत हो गई थी। कुछ समय पहले ही उत्तराखंड के एक वरिष्ठ अधिकारी भी हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गए थे। हेलीकॉप्टर के टेल रोटर में फंसकर उनकी दर्दनाक मौत हुई थी। 

चारधाम यात्रा के लिए हर साल आते हैं लाखों तीर्थयात्री
चारधाम यात्रा पर हर साल लाखों तीर्थयात्री केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री तीर्थ के दर्शन करने आते हैं। ये चारो तीर्थस्थल काफी ऊंचाई पर स्थित हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलीकॉप्टर से इन चारधाम की यात्रा करते हैं। काफी ऊंचाई पर होने के चलते यहां तेजी से मौसम बदलता है। यही वजह है कि कई हादसों के बाद डीजीसीए ने ट्रेनिंग में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जोड़ने का फैसला किया है। इस साल 25 अप्रैल से चार धाम की यात्रा शुरू हो चुकी है। 
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