Air India: डीजीसीए ने एयर इंडिया पर जुर्माना लगाते हुए कहा कि उसने एक पायलट को बिना जरूरी नियमों का पालन किए उड़ान भरने की अनुमति दी। इसके साथ ही एयर इंडिया के रोस्टरिंग कंट्रोलर्स ने कई गलत अलर्ट्स को नजरअंदाज किया।
विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि एयर इंडिया ने कथित तौर पर एक पायलट को नियमों का पालन किए बिना उड़ान भरने की अनुमति दी।
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डीजीसीए ने 29 जनवरी को जारी एक आदेश में कहा कि एयर इंडिया में बार-बार रोस्टरिंग से जुड़े मुद्दे पाए गए। यह जुर्माना एयर इंडिया के ऑपरेशंस प्रमुख और रोस्टरिंग प्रमुख सहित अन्य अधिकारियों के 13 दिसंबर 2024 में भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब के बाद लगाया गया, जो असंतोषजनक था।
डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा, पायलट को उड़ान भरने से पहले कुछ जरूरी उड़ान अनुभव चाहिए थे। लेकिन इस पायलट ने सात जुलाई को उड़ान भरी थी। जबकि उसके पास तीन टेक-ऑफ और लैंडिंग का अनुभव नहीं था, जिससे विमानन नियमों का उल्लंघन हुआ।
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डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा कि एयर इंडिया के रोस्टरिंग कंट्रोलर्स ने कई गलत अलर्ट को नजरअंदाज किया, जो सीएई विंडो पर दिख रहे थे, जैसा कि एयर इंडिया लिमिटे द्वारा पेश रिपोर्ट में बताया गया है। इसके बाद डीजीसीए ने विमानन नियम, 1937 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए एयर इंडिया पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया।