लव जिहाद पर जारी बहस के बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने धर्म परिवर्तन से जुड़ा अध्यादेश पारित कर दिया है। हालांकि इस अध्यादेश में लव जिहाद का जिक्र नहीं है लेकिन इसे एंटी लव जिहाद अध्यादेश कहा जा रहा है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शिवसेना जब से एनसीपी और कांग्रेस की संगत में आई है तब से लव जिहाद पर उसका रुख नरम पड़ गया है।
फडणवीस ने कहा कि शिवसेना अपना इतिहास खंगाल के देखे तो उसे बहुत कुछ याद आ जाएगा। पहले वह वैलेंटाइन डे का कड़ा विरोध करती थी। शिवसेना के कार्यकर्ता प्रेमी युगल को निशाना बनाते रहे हैं। शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र में साल 2014 से लेकर 2016 तक लव जिहाद के संबंध में कई लेख लिखे गए थे। लेकिन अब शिवसेना के प्रवक्ता बिहार में लव जिहाद कानून का अध्ययन करने की बात कर रहे हैं। इससे लगता है शिवसेना पूरी तरह बदल गई है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत के बयान पर फडणवीस ने कहा कि, मुझे हैरानी है कि प्रगतिशील राज्य होने के बावजूद किसी कानून के लिए महाराष्ट्र को बिहार की ओर देखना पड़ रहा है।
छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज भाजपा विधायक को लव जिहाद पर ऐतराज
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में एक तरह से एंटी लव जिहाद अध्यादेश जारी होने के बाद भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी इस तरह का कानून बनाने की बात कही जा रही है। भाजपा के भाजपा नेता भी राज्य में इस तरह के कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन महाराष्ट्र में भाजपा के विधायक ने एंटी लव जिहाद कानून पर एतराज जताया है। छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज सातारा से भाजपा विधायक शिवेंद्र राजे भोसले ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि वयस्क होने पर कोई किससे शादी कर सकता है इस संबंध में पहले से ही कानून है। इसलिए अलग नियम बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हर राज्य की अलग परिस्थिति है। लेकिन कुछ राज्यों में जानबूझकर इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं।