महाराष्ट्र के कई नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के द्वारा शुरू जांच को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने ठाकरे सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी वकील के माध्यम से ठाकरे सरकार ने विपक्ष के नेताओं को फंसाने की षड्यंत्र रचा है। फडणवीस ने विधानसभा में 125 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ एक पेन ड्राइव पेश किया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
विधानसभा में विपक्ष के नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, सरकार ने भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठी शिकायत कर उन्हें फंसाने की साजिश रची है। हमें फंसाने के लिए झूठे मामले तैयार किए गए हैं। झूठे मध्यस्थ और झूठे गवाह स्थापित किए गए हैं। पूर्व मंत्री गिरीश महाजन पर झूठे मामले दर्ज किए गए। फडणवीस ने कहा कि साहेब के आदेश पर किस तरह से राज्य के विशेष सरकारी वकील प्रवीण पंडित चव्हाण हमारे खिलाफ साजिश रचते हैं।
इसका वीडियो पेन ड्राइव में मौजूद हैं। फडणवीस ने विधानसभा अध्यक्ष नरहरि झिरवाल को वह पेन ड्राइव सौंपा और कहा कि इसमें कई तरह की बातचीत और सबूत छिपे हैं। करीब सवा सौ घंटे की इस पेन ड्राइव में इतनी सामग्री है कि 30 वेब सीरीज बनाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर मामला सीबीआई को नहीं सौंपा गया तो हम अदालत जाएंगे।
निशाने पर हैं भाजपा के सात नेता
फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि वीडियो में भाजपा के सात नेता राज्य सरकार के निशाने पर हैं। जिन्हें राजनीतिक तौर पर खत्म करने की योजना बनाई गई है। इसमें देवेन्द्र फडणवीस के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, पूर्व मंत्री गिरीश महाजन, जयकुमार रावल, सुभाष देशमुख, सुधीर मुनगंटीवार और चंद्रशेखर बावनकुले शामिल हैं। इन सभी नेताओं को कानूनी शिकंजे में फंसाने के लिए फाइलें तैयार की गई हैं।
पूर्व गृहमंत्री देशमुख ने कमाए 250 करोड़
फडणवीस ने विधानसभा में जो पेन ड्राइव पेश किया है उसमें पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की कमाई की भी चर्चा है। विशेष सरकारी वकील चव्हाण कह रहे हैं कि देशमुख ने अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती में 100 करोड़ नहीं 250 करोड़ रुपये कमाए हैं। केवल अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग में ही नहीं बल्कि वाहन खरीदी, भवन निर्माण निविदा सहित कमाने के कई रास्ते हैं। वीडियो में यह भी कह रहे हैं कि 2 साल में 250 करोड़ रुपये कमाना कोई बड़ी बात नहीं है।