महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को राज्य की सियासत से जुड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2024 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने यह कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार को गिराना एक 'विश्वासघात' का 'बदला' था। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शिंदे के नेतृत्व वाली बालासाहेबंची शिवसेना के साथ मिलकर आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
फडणवीस ने कहा कि 2024 में हम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में मुख्यमंत्री और खुद डिप्टी सीएम के रूप में चुनाव लड़ेंगे। हम भारी बहुमत के साथ लौटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना और उद्धव ठाकरे ने उन्हें और भाजपा को 2019 में धोखा दिया, जब उन्होंने गठबंधन को तोड़ दिया और सरकार बनाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया।
उन्होंने कहा कि अगर एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे द्वारा उनके साथ किए गए व्यवहार के कारण शिवसेना छोड़ना चाहते थे, तो हम उन्हें वापस जाने के लिए नहीं कहने वाले थे। हम उनका स्वागत करने और उनका समर्थन करने जा रहे थे। हमने विश्वासघात का बदला लिया है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि भाजपा ने शिवसेना को आधे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा कभी नहीं किया, जैसा कि शिवसेना ने दावा किया था। फडणवीस ने दावा किया कि 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान हमारे नेताओं ने कहा था कि चुनाव फडणवीस के नेतृत्व में लड़ा जा रहे है। नतीजों के बाद उन्हें एहसास हुआ कि अगर तीन पार्टियां एक साथ आती हैं, तो वह सीएम बन सकते हैं।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री का पद साझा करने के बजाय भाजपा ने पालघर लोकसभा सीट और राज्य में अधिक मंत्रालयों की पेशकश की और गठबंधन को अंतिम रूप देने की कोशिश की। फडणवीस ने कहा कि ठाकरे सरकार गिरने के बाद एकनाथ शिंदे का मुख्यमंत्री बनना कोई 'हैरान' करने वाला वाकया नहीं था।
उन्होंने कहा कि मुझसे सलाह-मशविरा करने के बाद शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया गया था। यह मेरा प्रस्ताव था, इसलिए यह मेरे लिए चौंकाने वाला नहीं था। उन्होंने कहा कि चौंकाने वाली बात यह थी कि मुझे उपमुख्यमंत्री बनना चाहिए। फडणवीस ने कहा कि वह नई सरकार में कोई पद नहीं चाहते थे, लेकिन भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उनसे कहा कि वह राज्य में पार्टी के नेता हैं और उनके पास प्रशासनिक अनुभव है, इसलिए उनका बाहर रहना उचित नहीं है।
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा होगा। अगर भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की जरूरत है, तो महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होनी चाहिए। हम इस सरकार को सफल बनाने के लिए शिंदे का समर्थन कर रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में फडणवीस ने कहा कि उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनका राजनीतिक कद बढ़ा है। फडणवीस ने कहा कि शिंदे ने उन्हें कभी यह महसूस नहीं कराया कि वह उपमुख्यमंत्री हैं और वे एक-दूसरे से सलाह-मशविरा करने के बाद निर्णय लेते हैं।