महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस समय राज्य में 4,000 किलोमीटर की महाजनादेश यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के जरिए वह राज्य का दौरा करेंगे। उन्होंने शुक्रवार को एक रैली के दौरान कहा कि जिसने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोड़ा वह बर्बाद हो गया। यह बयान उन्होंने ऐसे समय पर दिया है जब हाल ही में भाजपा का एक विधायक कांग्रेस में शामिल हुआ है। लेकिन इस टिप्पणी को सहयोगी दल शिवसेना को संदेश देने वाला माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां इस साल विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी में हैं। नागपुर के कटोल की एक रैली में फडणवीस ने कहा, 'जिसने छोड़ा मोदी का साथ उसका हुआ सत्यानाश। मोदी का साथ छोड़नेवाले को जनता कभी माफ नहीं करती।' भाजपा और शिवसेना ने बेशक जोर देकर साथ में चुनाव लड़ने का फैसला किया है लेकिन दोनों पार्टियों ने अपने चुनाव अभियानों को अलग-अलग लॉन्च किए हैं।
भाजपा दूसरी बार सत्ता पर काबिज होने की उम्मीद में रोड शो, रैलियां और बैठकें आयोजित कर रही है। वह अपने दम पर बहुमत हासिल करना चाहती है। भाजपा जहां राज्य में महाजनादेश यात्रा कर रही है वहीं शिवसेना जन आशीर्वाद यात्रा कर रही है। माना जा रहा है इसके तहत शिवसेना आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश कर रही है।
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मुख्यमंत्री ने इस बात को स्वीकार किया है कि सीट बंटवारे से दोनों पार्टियों के बीच खटपट हो सकती है। खासतौर से भाजपा के लिए जिसमें विपक्षी पार्टी के कई नेता शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास सभी के लिए जगह नहीं है। हमने हाउसफुल का बोर्ड लगा दिया है। लेकिन भाजपा और शिवसेना गठबंधन को सीटों के बंटवारे के दौरान मुद्दों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कुछ स्थानों पर हमारे सभी विधायक हैं और कुछ स्थानों पर उनके पास सभी सीटें हैं। यदि हमें गठबंधन में लड़ना है तो हमें कुछ मिलेगा और कुछ नहीं मिलेगा। हम इसके बारे में चिंतित नहीं हैं।'
विपक्षी पार्टी के नेताओं को लेकर भाजपा को अपने कार्यकर्ताओं से विरोध का सामना करना पड़ सकता है। भाजपा कार्यकर्ता शारदा पटेल ने कहा, 'इन लोगों को लेकर हमारे बीच थोड़ा गुस्सा है चूंकि वह हमारी विचारधारा को स्वीकार कर रहे हैं इसलिए हम उनका स्वागत कर रहे हैं।' फडणवीस ने हालांकि इस बात को नकारा है। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कोई परेशानी है। हमारे कार्यकर्ताओं को मालूम है कि पार्टी यह क्यों कर रही है।'
विपक्षी पार्टियों के नेताओं के सत्ता पर काबिज पार्टी में शामिल होने की समस्या अकेले भाजपा में नहीं है। हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता सचिन अहीर शिवसेना में शामिल हुए हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना का गठबंधन 30 साल पुराना है। हालांकि पिछले कुछ सालों से उनके लिए गठबंधन में रहना काफी मुश्किल हो गया है। पिछले साल दोनों गठबंधन टूटने के कगार पर पहुंच गए थे हालांकि बाद में उन्होंने चुनाव साथ में लड़ने का फैसला किया।