महाराष्ट्र की राजनीति में राहुल गांधी के बयान ने हलचल तेज हो गई है। दिल्ली के रामलीला मैदान में शनिवार को कांग्रेस सांसद ने कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं बल्कि राहुल गांधी है। वह सच्चाई के लिए मरते दम तक माफी नहीं मांगेगे। जिसपर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह राज्यसभा में निंदा प्रस्ताव लाएंगे।
महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में कहा, 'राहुल गांधी के वीर सावरकर को लेकर दिए बयान पर विपक्ष राज्य विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लेकर आएगी। इससे पहले शिवसेना हमारे साथ थी और हमने साथ मिलकर फैसले लिए हैं। अब वही शिवसेना हमारे सभी फैसलों का विरोध कर रही है और हमारे काम को रोक रही है।'
सावरकर पर दिए बयान को लेकर राहुल गांधी केवल विपक्ष के ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र में अपनी सहयोगी पार्टी शिवसेना के भी निशाने पर हैं। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने उन्हें सावरकर की किताबें पढ़ने की सलाह दी है। वहीं भाजपा के गिरिराज सिंह और देवेंद्र फडणवीस ने उनके उपनाम को उधार का बताया है।
आखरी नाम गांधी होने से कोई महात्मा गांधी नहीं बनता
फडणवीस ने कहा कि केवल आखरी नाम गांधी होने से कोई महात्मा गांधी नहीं बन जाता है। उन्होंने कहा, 'शायद राहुल गांधी को सावरकर जी के बारे में जानकारी नहीं है। सावरकर जी को अंडमान जेल की कोठरी में 12 साल तक यातना का सामना करना पड़ा जबकि राहुल गांधी 12 घंटे भी नहीं रह सकते। सिर्फ गांधी को अपने नाम में लगाने से आप गांधी नहीं बन जाते। सावरकर के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना, देश के लिए सब कुछ त्याग करने वाले तमाम देशभक्तों का अपमान है।'
वीर सावरकर का ना करें अपमान
संजय राउत ने कहा कि राहुल का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं से अनुरोध करता हूं कि वह सावरकर का बलिदान समझने के लिए राहुल को उनकी कुछ किताबें गिफ्ट करें। उन्होंने कहा, 'हम पंडित नेहरू, महात्मा गांधी को भी मानते हैं, आप वीर सावरकर का अपमान ना करें। समझने वाले समझ गए है। जय हिंद!!' दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा, 'आप आज भी यदि सावरकर का नाम लेते हैं तो देश के युवा उत्तेजित और उद्वेलित हो जाते हैं, आज भी सावरकार देश के नायक हैं और आगे रहेंगे, वह हमारे देश का गर्व हैं।'