महाराष्ट्र में विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों के पत्रों का जवाब देने में अधिकारियों की ओर से की जा रही देरी चर्चा का विषय रहा। इस दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नौकरशाहों की ओर से की जाने वाली देरी पर खुद से जुड़ा एक किस्सा सुनाया।
महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को विधायकों के पत्रों का जवाब देने में अधिकारियों की ओर से की जा रही देरी के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस चर्चा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि उन्हें 2009 में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर 2021 में मिला।
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सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सत्ताधारी भाजपा के सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि मुख्य सचिव भी विधायकों की ओर से लिखे गए पत्रों का समय पर जवाब नहीं देते हैं। पूर्व मंत्री ने बताया कि उन्हें ऐसे ही एक पत्र का जवाब चार साल बाद मिला, जिसमें दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए कानून बनाने की मांग की गई थी।
कांग्रेस नेता को दिया सीएम फडणवीस ने जवाब
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा नेता के लिए अपनी ही सरकार पर सवाल उठाना उचित है। चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जहां मुनगंटीवार को चार साल में जवाब मिला, वहीं उन्हें खुद 2021 में उस सवाल का जवाब मिला जो उन्होंने 2009 में विधायक के रूप में उठाया था।
विधायक था तब पूछा सवाल, जवाब तब मिला जब विपक्ष का नेता था
फडणवीस ने कहा कि जब तक जवाब आया, तब तक वह मुख्यमंत्री और फिर विपक्ष के नेता बन चुके थे, और उन्होंने अध्यक्ष से उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि विधायकों के पत्रों और अधिकारियों के प्रश्नों का समय पर जवाब सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा एक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की देरी को रोकने के लिए नई प्रणाली के तहत जिम्मेदारी तय की जाएगी।