महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने डिप्टी एकनाथ शिंदे के साथ 'शीत युद्ध' की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर तंज कसते हुए कहा कि वह दिग्गज पटकथा लेखक जोड़ी सलीम-जावेद के साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं। दरअसल, फडणवीस सोमवार से शुरू होने वाले राज्य विधानमंडल के चार सप्ताह के बजट सत्र से पहले कैबिनेट मीटिंग और पारंपरिक चाय पार्टी के बाद डिप्टी सीएम शिंदे और अजित पवार के साथ रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
फडणवीस ने कहा, 'कोई युद्ध नहीं है। जो लोग हम दोनों को जानते हैं, वे याद रखेंगे कि जब हम साथ होते हैं तो हम क्या करते हैं।' उन्होंने शिंदे के विद्रोह से पहले उनकी बैठकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिसने अविभाजित शिवसेना को विभाजित कर दिया और 2022 में एमवीए सरकार को बाहर कर दिया। फडणवीस ने कहा कि सत्तारूढ़ महायुति के सभी सहयोगी भाजपा, शिवसेना और एनसीपी एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
इस पर शिंदे ने कहा, 'सब कुछ ठंडा ठंडा है, कूल कूल है। शिवसेना के प्रमुख ने कहा कि बजट सत्र पिछले साल राज्य चुनावों में महायुति की जीत के बाद नई सरकार की पहली सदन की कार्यवाही होगी। शिंदे विधानसभा चुनावों से पहले सीएम थे। तब फडणवीस और पवार उनके डिप्टी थे। उन्होंने कहा, 'बस इतना है कि फडणवीस और मैंने अपनी कुर्सियां बदल ली हैं। केवल अजित पवार की कुर्सी तय है।'
इस पर अजित पवार ने चुटकी लेते हुए कहा, 'अगर आप अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए तो मैं क्या कर सकता हूं।' इसके बाद तीनों जोर से हंसने लगे। इससे पहले फडणवीस ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने अपने पूर्ववर्ती द्वारा लिए गए फैसलों पर रोक लगाई थी। उन्होंने जोर देकर कहा, 'मैंने शिंदे द्वारा लिए गए किसी भी फैसले को रोका नहीं है।'
संजय राउत के दावे पर भी पलटवार
मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों ने शिवसेना सांसद संजय राउत के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिंदे ने सुबह 4 बजे पुणे में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जाहिर की थी। इस पर शिंदे ने कहा कि अमित शाह भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के नेता हैं। अजित पवार ने कहा कि हमने सुबह 10 बजे शिष्टाचार भेंट थी। फडणवीस ने कहा कि वह भी बैठक में मौजूद थे।
'सामना' में क्या दावा किया गया? फडणवीस-शिंदे ने किया पलटवार
इससे पहले संजय राउत ने रविवार को शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में अपने साप्ताहिक कॉलम रोकठोक में दावा किया कि शाह-शिंदे के बीच एक गुप्त बैठक 22 फरवरी को पुणे के कोरेगांव पार्क के एक होटल में हुई थी। उन्होंने दावा किया कि शिंदे को शाह से मिलने के लिए सुबह 4 बजे तक जागना पड़ा।
'मुझे हल्के में न लें' वाल टिप्पणी पर भी बोले
इस दावे पर फडणवीस ने कहा कि राउत सलीम खान और जावेद अख्तर की प्रतिष्ठित पटकथा लेखन जोड़ी सलीम-जावेद के साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं। शिंदे ने दावा किया कि शिवसेना नेता के दिमाग में रासायनिक लोचा है। 'मुझे हल्के में न लें' वाल टिप्पणी पर शिंदे ने कहा, 'उन्होंने साफ किया कि यह उन लोगों के लिए था, जिन्होंने उन्हें हल्के में लिया और उन्होंने उन्हें सबक सिखाया।' उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे का परोक्ष रूप से जिक्र किया। इसके बाद फडणवीस ने कहा, 'मैं शिंदे को हल्के में नहीं लेता, इसलिए यह टिप्पणी उन लोगों के लिए थी, जिन्होंने उन्हें कम आंका।'
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