शिवसेना ने सोमवार को यह कहते हुए अपनी सहयोगी भाजपा पर गुजरात चुनाव में ‘निचले स्तर तक उतर आने’ का आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी भाषणों से विकास का एजेंडा गायब है। पार्टी ने कहा कि मोदी ने यह दावा कर अपने को ‘छोटा बना’ लिया है कि निलंबित कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के उनके विरुद्ध बयान से गुजरात की अस्मिता अपमानित हुई है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा, ‘मोदी ने खुद को छोटा बना लिया है। हम मोदी को देश और हिंदुओं का अभिमान समझते हैं लेकिन अब वह गुजरात की अस्मिता की बेड़ियों में बंध गए हैं।’ उसने कहा, ‘गुजरात चुनाव में मोदी राष्ट्रीय नेता कम, क्षेत्रीय नेता ज्यादा बन गए हैं।’
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पार्टी ने कहा कि भाजपा प्रायोजित चुनाव आयोग में ईवीएम घोटाले की शिकायत करना व्यर्थ है। उल्लेखनीय है कि शनिवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में विपक्षी दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, लेकिन आयोग ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था।
शिवसेना ने कहा कि गुजरात चुनाव का प्रचार अभियान बहुत चर्चित विकास एजेंडे पर केंद्रित होना चाहिए था, लेकिन ‘गुजरात में प्रधानमंत्री के भाषणों से यह गायब है।’ उसने कहा कि अपने गृह राज्य में प्रधानमंत्री अपने चुनावी भाषणों में कभी भावुक तो कभी आक्रामक नजर आते हैं। उसने कहा, ‘यह वही राज्य है जिसने हमें यह प्रधानमंत्री दिया और जहां भाजपा ने 22 साल शासन किया। वहां भाजपा चुनाव प्रचार अभियान में निचले स्तर तक क्यों चली गई।’