जनता दल(सेकुलर) सुप्रीमो एच डी देवगौड़ा ने सोमवार को कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह प्रधानमंत्री के तौर पर और कर्नाटक के सीएम के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। आपको बता दें कि देवगौड़ा 1994 में सत्ता में आये थे और दो साल कर्नाटक के सीएम रहे थे। उन्होंने 1996 में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि वह इस दौरान आकस्मिक प्रधानमंत्री बन गये थे।
एएनआई को दिये एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में देवगौड़ा ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया। मैंने पीएम के तौर पर भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया। आप टीएसआर सुब्रमण्यम द्वारा लिखी किताब में पढ़ सकते हैं कि 10 महीनों में सभी नीतियां तैयार की गई थीं। टेलीकॉम नीति, नेशनल हाईवे, मेट्रो पॉलिसी और साथ ही कश्मीर मामला ।
उन्होंने कहा कि उन्हें मलाल इस बात का है कि उनके कार्यकाल में जो नीतियां बनाई गई थीं वह 12 सालों से ठण्डे बस्ते में पड़ी हैं। देवगौड़ा ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वह बड़े पैमाने पर उत्तर-पूर्व गए, उन्होंने 7 राज्यों का दौरा किया। जबकि इससे पहले किसी पीएम ने ऐसा नहीं किया था।
देवगौड़ा ने अपने कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि उस दौरान किसी भी राज्य में सांप्रदायिक हिंसा नहीं होती थी। उनके 10 महीने के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर में भी हिंसा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह देश में शांति देखना चाहते हैं। हम सब को शांति के साथ रहना चाहिए।