विजिलेंस जांच में यह बात सामने आई थी कि अभिनेता दिलीप को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया था, जिसके कारण दर्शन में थोड़ी रुकावट आई थी। बोर्ड ने पहले कहा था कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए सावधानी बरती जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मलयालम अभिनेता दिलीप की सबरीमाला यात्रा में वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने के मामले में त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड अध्यक्ष पीएस प्रशांत ने कहा कि अधिकारियों से चूक हुई है। चार अधिकारियों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें प्रशासनिक अधिकारी, अधिशासी अधिकारी और दो गार्ड शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों का स्पष्टीकरण सुनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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विजिलेंस जांच में यह बात सामने आई थी कि अभिनेता दिलीप को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया था, जिसके कारण दर्शन में थोड़ी रुकावट आई थी। बोर्ड ने पहले कहा था कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए सावधानी बरती जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन की सुविधा प्रदान करना बोर्ड की प्राथमिकता
सबरीमाला में हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। अय्यप्पन के दर्शन के लिए जंगल और पहाड़ियों को पार करके आने वाले सभी भक्तों के लिए सुगम दर्शन की सुविधा प्रदान करना त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के लिए प्राथमिकता है। बोर्ड ने यह भी कहा कि वह सभी के लिए बुनियादी सुविधाएं और शांतिपूर्ण दर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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शुक्रवार को सबरीमाला पहुंचे थे अभिनेता दिलीप
अभिनेता दिलीप शुक्रवार को अय्यप्पन के दर्शन के लिए सबरीमाला पहुंचे थे। रात्रि के लिए नाडा बंद होने से ठीक पहले उन्होंने दर्शन किए। इसके बाद वे हरिवरासनम के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चले गए। इस मामले में देवस्वम बोर्ड को हाईकोर्ट से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
सोमवार को होगी मामले की अगली सुनवाई
न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति एस मुरलीकृष्ण की देवस्वम पीठ ने अभिनेता के दर्शन की सीसीटीवी फुटेज एक पेन ड्राइव में पेश करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। देवस्वम बोर्ड को उसी दिन एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया गया है।