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Gujarat: 43 साल पहले भी मच्छु बांध टूटने से मारे गए थे हजारों लोग, तब राहत कार्य में जुटे थे मोदी

Sun, 30 Oct 2022 11:47 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

मोदी ने बताया था, 11 अगस्त 1979 को लगातार तीन दिन बारिश होने से मच्छु बांध ओवर फ्लो होकर रात करीब तीन बजे टूट गया। इसके बाद भीषण तबाही हुई। तब वो स्वयंसेवक के तौर पर वहां गए और राहत कार्य में जुटे। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गुजरात में रविवार को हुए पुल हादसे में सैकड़ों लोग घायल हो गए। पचास से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। इस हादसे के साथ ही मच्छु नदी भी फिर चर्चा में आ गई है। ये पुल मच्छु नदी के ऊपर ही बना था। आज से 43 बरस पहले भी मोरबी जिले में एक बड़ा हादसा हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तब राहत-बचाव कार्य में जुटे थे। आज आपको उस कहानी के बारे में बताते हैं। 

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दरअसल, साल 1979 में भारी वजह से मच्छु बांध टूट गया था। इसके बाद पूरा शहर तबाह हो गया था। इस हादसे में हजारों लोग मारे गए थे। उस समय नरेंद्र मोदी राहत व बचाव कार्य में जुटे। मोदी ने बैंडमिंटन स्टार पीवी संधू के साथ इस वाकिए को साझा किया था। 

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मोदी ने बताया था, 11 अगस्त 1979 को लगातार तीन दिन बारिश होने से मच्छु बांध ओवर फ्लो होकर रात करीब तीन बजे टूट गया। इसके बांध भीषण तबाही हुई। तब वो स्वयंसेवक के तौर पर वहां गए और राहत कार्य में जुटे। इस त्रासदी में हजारों लोगों की जान गई थी। कई इमारतें भी ढह गई थी।
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मोदी के मुताबिक, उस वक्त उन्होंने लोगों को हिम्मत देने के लिए एक भावुक पत्र लिखकर उसे घर-घर जाकर बांटा। तब गुजरात सरकार की ओर राहत कार्य का जिम्मा संभालने वाले अधिकारी ने लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए मोदी की तारीफ की थी। 

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