केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि किसानों की आत्महत्या का विवरण कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने उपलब्ध नहीं कराया है। इस वजह से कृषि क्षेत्र में खुदकुशी के कारणों पर राष्ट्रीय आंकड़े अपुष्ट हैं और इन्हें प्रकाशित नहीं किया जा सकता।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने जानकारी दी है कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने किसानों, खेतिहर और कृषि मजदूरों की खुदकुशी का आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया है। इसके चलते राष्ट्रीय डाटा में कृषि क्षेत्र में आत्महत्या की वजह का उल्लेख नहीं है और इसे अलग से प्रकाशित नहीं किया गया।
एनसीआरबी के दुघर्टना में मौत और आत्महत्या के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में 10281 किसानों ने खुदकुशी की जबकि 2018 में यह संख्या 10,357 थी। देश में कुल आत्महत्या के मामलों में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 7.4 फीसदी है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में 5957 किसानों और 4324 कृषि मजदूरों ने आत्महत्या की।