केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बृहस्पतिवार को नदियों और पर्यावरण से जुड़ी सरकार की योजनाओं के बारे में मीडिया से बात की। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री जावड़ेकर ने कहा, 'भारत सरकार ने 13 महत्वपूर्ण नदी प्रणालियों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है, स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन पहले से ही लागू किया जा चुका है।'
उन्होंने कहा, 'कोल्हापुर के किसान जो फसलों को नष्ट करने वाले हाथियों की शिकायत कर रहे थे, उन्होंने मुझे बताया कि हाथी बाहर निकलते हैं क्योंकि उन्हें जंगल में पर्याप्त चारा और पानी नहीं मिलता है। इसलिए हमने 28 राज्यों में 28 जंगलों में पानी और चारा वृद्धि कार्यक्रम शुरू किए हैं।'
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार गंगा के साथ ब्यास, झेलम, राबी, सतलुज, लूनी, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, कावेरी, कृष्णा, ब्रह्मपुत्र और महानदी का भी कायाकल्प करेगी। इसके लिए विस्तृत कार्य योजना के साथ डीपीआर तैयार कर लिया गया है।
जावड़ेकर कावेरी कालिंग आंदोलन की वर्षगांठ पर नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से शुरू की गई मुहिम के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, सरकार का पूरा जोर देश की बहुमूल्य प्राकृतिक संपदा के संरक्षण पर है। इसलिए गंगा के साथ 13 नदियों को संरक्षित करने के लिए तय कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है।
गंगा को लेकर नमामि गंगे अभियान चलाया जा रहा है। 13 नदियों के संरक्षण के लिए इनके मौजूदा हालात के आकलन और वर्तमान में नदियों के परिदृश्य का मंत्रालय द्वारा अध्ययन किया जा रहा है। इसी आधार पर इन नदियों को फिर से पुनर्जीवित करने का खाका तैयार किया जाएगा।