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जल्लीकट्टू के बाद अब होगा भैंसा दौड़ 'कंबाला' का आयोजन

Tue, 24 Jan 2017 12:35 AM IST
एजेंसी/ बंगलूरू
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तमिलनाडु में जल्लीकट्टू को लेकर हुए आंदोलन से प्रेरित होकर कर्नाटक में ‘कंबाला’ (भैंसा दौड़) के आयोजकों ने रविवार को अदालतों के आदेशों का उल्लंघन कर 28 जनवरी को मंगलूरू में इस पारंपरिक खेल को आयोजित करने का निर्णय किया। कंबाला समिति के अध्यक्ष अशोक राय ने कहा कि मंगलूरू में समिति के सदस्यों की बैठक में यह निर्णय किया गया।
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राय ने कहा कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने पिछले साल नवंबर में पेटा द्वारा दायर एक याचिका पर कंबाला पर रोक लगाते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया था। मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी को है। उन्होंने कहा कि समिति ने इस सुनवाई से पहले 28 जनवरी को कंबाला दौड़ आयोजित करने का निर्णय किया है। यह पारंपरिक भैंसा दौड़ सुबह 11:30 बजे से शाम तक चलेगी। 
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कंबाला और जल्लीकट्टू कृषि आधारित परंपराओं का हिस्सा

राय ने कहा कि वे तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के लिए हुए आंदोलन की सफलता से प्रेरित हुए हैं। उनकी योजना मंगलूरू में व्यापक विरोध प्रदर्शन करने की भी है, जिसमें राजनेताओं और फिल्मी हस्तियों सहित 50,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह रैली कंबाला शुरू होने से पहले की जाएगी और 200 जोड़े भैंसा की परेड कराई जाएगी।

इस बीच, कर्नाटक में आरएसएस के मीडिया संयोजक ने कहा कि वह जल्लीकट्टू की तरह ही कंबाला का समर्थन करते हैं और ये बिना किसी हिंसा के आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कंबाला और जल्लीकट्टू कृषि आधारित परंपराओं का हिस्सा हैं और यह पशुओं की देसी नस्लों के संरक्षण के देसी तरीकों में से एक है। इस बीच, तुलुनाड रक्षण वेदिक ने कंबाला पर प्रतिबंध के खिलाफ 24 जनवरी को मंगलूरू में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।
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