दिल्ली का विवादास्पद मीट कारोबारी मोईन कुरैशी आव्रजन अधिकारियों को चकमा देकर दुबई भाग गया। मनी लांड्रिंग मामले में हालांकि अधिकारियों ने उसे हवाई अड्डे पर रोक कर थोड़ी पूछताछ की, लेकिन आयकर मामले में कोर्ट का आदेश दिखाकर वह उन्हें चकमा देने में सफल रहा और फ्लाइट पकड़ कर दुबई चला गया। इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हवाला और कर चोरी के आरोप में कुरैशी जांच एजेंसियों के घेरे में है।
कुरैशी को मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी लुकआउट सर्कुलर के आधार पर पूछताछ के लिए रोका गया था। आव्रजन विभाग ने प्रवर्तन निदेशालय को कुरैशी के बारे में जानकारी दी, लेकिन कुरैशी ने उन्हें अदालती आदेश दिखाया, जिसमें उसे विदेश जाने की छूट थी। आव्रजन अधिकारियों ने कोर्ट ऑर्डर की सत्यता की जांच के बाद उसे दुबई जाने की इजाजत दे दी। ईडी की टीम जैसे ही मीट कारोबारी को गिरफ्तार करने एयरपोर्ट पहुंची, उन्हें बताया गया कि कोर्ट ऑर्डर के आधार पर उसे जाने की इजाजत दे दी गई।
बाद में आव्रजन अधिकारियों को महसूस हुआ कि अदालत का आदेश आयकर मामले से संबंधित था, ईडी से नहीं। बाद में इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए। हवाई अड्डा अधिकारियों के मुताबिक कुरैशी ने अधिकारियों को बताया कि बॉन्ड भरकर अदालत से विदेश जाने की अनुमति ले ली थी। यहां तक कि कुरैशी की लीगल टीम ने एयरपोर्ट को इस संबंध में एक फैक्स भी भेजा था। प्रवर्तन निदेशालय सूत्रों ने बताया कि ‘हमने आव्रजन अधिकारियों से वह दस्तावेज मांगे जिस आधार पर कुरैशी को यात्रा की अनुमति दी गई थी। कुरैशी को गिरफ्तार करने के लिए हमारे अधिकारी उस जगह पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें विदेश जाने की अनुमति दे दी गई।’ ईडी ने पिछले साल कुरैशी के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग कानून के तहत केस दर्ज किया था।