भाषण...भाषण...भाषण। हमें नहीं सुनना आपका भाषण। सभापति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी सदस्यों के सामने यह स्थिति राज्यसभा में बुधवार को आई। तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन यह कहते हुए अपने स्थान से बीच में ही सदन से उठकर चले गए। जब ब्रायन ऐसा कहकर सदन का बहिष्कार कर रहे थे तो उस समय प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दे रहे थे।
यह स्थिति तब आई जब प्रधानमंत्री बंबू (बांस) को पेड़ से घास की श्रेणी में रखने के सरकार के निर्णय के फायदे गिना रहे थे। वह विश्व में रासायनिक वैक्स से लोगों की दूरी बनाने और मधुमक्खियों के वैक्स की बढ़ती मांग पर भविष्य की संभावना बता रहे थे। किसानों के लिए सोलर पंप, गन्ना पर गुजरात में अनुभव को साझा कर रहे थे।
वह सदन को बता रहे थे कि हमें देश को आगे ले जाने के लिए कैसे वैल्यू एडिशन पर ध्यान देना होगा। इस बीच ब्रायन के सब्र का बांध टूट गया। वह अपने स्थान से उठ खड़े हुए और आसन से कहा कि उन्हें यह भाषण नहीं सुनना है। ब्रायन ने कहा भाषण...भाषण...भाषण, बहुत हो चुका भाषण। उन्हें सवालों का जवाब चाहिए। प्रधानमंत्री सवालों का जवाब देने के बजाय भाषण सुना रहे हैं। यह कहते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने सदन का बहिष्कार कर दिया।