पीड़ित साध्वी की आवाज को अपने अखबार में उठाने वाले शहीद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कोर्ट के फैसले को देश के पक्ष में बताया है। न्यूज एजेंसी एनआई से बातचीत में छत्रपति ने कहा कि 'हम लंबे समय से इंसाफ का इंतजार कर रहे थे, राम रहीम हमारे समाज का दुश्मन है।'
Satisfactory; been saying since long #RamRahimSingh is enemy of our society: Anshul Chhatrapati, son of slain journalist who exposed Dera pic.twitter.com/92dsZ1jly0
— ANI (@ANI) August 28, 2017
उन्होंने आगे कहा 'जब हमने इस पूरे मामले में राम रहीम के शामिल होने की बात कही थी तो किसी ने हम पर यकीन नहीं किया था लेकिन आज कोर्ट ने हमारी बात को सच साबित कर दिया।'
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बता दें कि सिरसा से प्रकाशित एक सांध्य दैनिक समाचार पत्र के संपादक रामचंद्र छत्रपति ने साध्वी के गुमनाम पत्र को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो डेरा सच्चा सौदा के सेवकों ने दिन दहाड़े 24 अक्तूबर 2002 को गोलियां बरसाईं। उपचार के दौरान 21 नवंबर 2002 को छत्रपति की मौत हो गई।
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हत्या में शामिल दो डेरा सेवक मौके पर पकड़े गए। पंजाब एंड हाईकोर्ट में पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच करवाने की गुहार लगाई। सीबीआई ने डेरा प्रमुख के खिलाफ रामचंद्र छत्रपति के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। सीबीआई की अदालत में 12 साल से इस मामले में सुनवाई चल रही थी।
बता दें कि जज जगदीप सिंह ने दो साध्वियों से रेप केस मामले में रहीम को गुनहगार मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। डेरा प्रमुख ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है। राम रहीम को पंचकूला सीबीआई के जज जगदीप सिंह ने सजा सुनाई। इसके लिए रोहतक जेल में अस्थायी कोर्ट लगाई गई थी। जज जगदीप सिंह को पंचकूला से हेलीकॉप्टर के जरिए रोहतक लाया गया था।