5000 रुपये से अधिक के पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को सशर्त जमा करने संबंधी नई अधिसूचना केखिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका नोटबंदी केखिलाफ जनहित याचिका दाखिल करने वाले संगम लाल पांडेय ने दायर की है।
याचिका में कहा गया है कि आठ नवंबर को सरकार ने नोटबंदी का फैसला लेते हुए साफ किया था कि 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये केपुराने नोट बदले जा सकेंगे। ऐसे में सरकार एक नई अधिसूचना लाकर इसमें शर्त कैसे लगा सकती है। मालूम हो कि सोमवार को आरबीआई ने नई अधिसूचना जारी कर कहा है कि अब कोई व्यक्ति सिर्फ एक बार ही 5000 रुपये से अधिक के पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदल सकता है। इतना ही नहीं उसे अब तक जमा न कराने का कारण भी बताना होगा।
याचिका में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को लोगों की असुविधाओं को कम करने के लिए कहा था लेकिन सरकार लोगों की असुविधाएं बढ़ाती जा रही है। याचिकाकर्ता की ओर से इस याचिका पर जल्द सुनवाई करने की मांग करते हुए कहा गया है कि इस नई अधिसूचना को निरस्त किया जाना चाहिए।