पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक में हुए बडे़ घोटाले के बीच एक और अहम खबर सामने आई है। रिजर्व बैंक का कहना है कि सहकारी बैंकों के दिवालिया होने के मामलों में उसके पूर्ण स्वामित्व वाले सहयोगी डिपॉजिट इंश्यारेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन को 14,098 करोड़ के दावे प्राप्त हुए हैं।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि पीएमसी बैंक की वित्तीय स्थिति को लेकर जांच रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है। सूचना के अधिकार कानून के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में शीर्ष बैंक ने कहा कि आरबीआई की शुरुआती पड़ताल से पता चलता है कि बैंक में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई।
इसके कारण उसके निदेशक मंडल को हटाने और बैंकिंग नियमन कानून, 1949 के निर्देशों को लागू करने की जरूरत पड़ी। जांच रिपोर्ट को अभी अंतिम रूप दिया जाना है। आरबीआई की पीएमसी बैंक की 31 मार्च 2019 तक वित्तीय स्थिति को लेकर जांच अभी जारी है। रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक की शिकायतों की प्रति सौंपने और उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने से मना किया।