भारतीय महिला क्रिकेट टीम के अपदस्थ कोच डब्ल्यू वी रमन ने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को पत्र (ईमेल) लिखकर आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय टीम में ‘आत्मदंभी संस्कृति’ और इसे बदलने की जरूरत है। रमन ने इस ईमेल को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख राहुल द्रविड़ को भेजा है और कहा कि अगर उन से सलाह मांगी गई तो वह देश में महिला क्रिकेट के लिए खाका तैयार कर सकते हैं। पूर्व क्रिकेटर मदन लाल की अगुवाई वाली क्रिकेट सलाहकार समिति ने बृहस्पतिवार को एक अप्रत्याशित फैसला लेते हुए राष्ट्रीय महिला टीम के कोच के लिए रमन की जगह रमेश पोवार का चयन किया। रमन की देखरेख में टीम पिछले साल टी20 विश्व कप में उपविजेता रही थी।
स्टार संस्कृति के बारे में विस्तार से की बात
सूत्र ने कहा, ‘जहां तक मुझे पता है, रमन ने कहा है कि वह हमेशा ‘टीम को हर किसी से ऊपर रखने में विश्वास करते हैं, और इस बात पर जोर देते हैं कि कोई भी व्यक्ति वास्तव में आत्मदंभी नहीं हो सकता।’ बायें हाथ के इस कलात्मक बल्लेबाज के द्वारा दो पूर्व कप्तानों को पत्र लिखने से कुछ विवाद भी हो सकता है क्योंकि खिलाड़ियों के साथ मतभेद में हमेशा कोच को बलि देना होता है, खासकर जिस तरह से मिताली राज के मामले में हुआ था। रमन ने हालांकि इस पत्र में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह समझा जाता है कि उन्होंने टीम में प्रचलित स्टार संस्कृति के बारे में विस्तार से बात की है, जिससे फायदा से ज्यादा नुकसान हो रहा है।
आरोपों को किया खारिज
रमन ने कोच के रूप में सक्रिय नहीं रहने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने याद दिलाया कि वह पिछली बार टी20 लीग के दौरान संयुक्त अरब अमीरात की उमस भरी परिस्थितियों में दोपहर एक बजे से रात के नौ बजे तक तीन टीमों (ट्रेलब्लेजर, वेलोसिटी और सुपरनोवा) के प्रशिक्षण सत्रों का निरीक्षण करते थे। उन्होंने बताया, ‘रमन ने कहा कि अध्यक्ष और सचिव उनके काम को लेकर लगे आरोपों पर उनकी राय जानना चाहते हैं, तो वे विस्तार से इसे स्पष्ट कर सकते हैं।’ इस पत्र की प्रति को द्रविड़ को इसलिए भेजा गया है क्योंकि रमन का मानना है कि वह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भविष्य का खाका बनाने में योगदान दे सकते हैं।