चौरी बाजार पुलिस और बरहज पुलिस ने 26 तथा 27 जुलाई को दो लड़कियां संरक्षण गृह भेजी थीं। संरक्षण गृह देवरिया रेलवे स्टेशन के सामने है और इसके भवन में कई दुकानें भी हैं । इमारत के बगल में गली है, जिसमें संरक्षण गृह के पीछे के दो दरवाजे खुलते हैं । गली में शराब और बीयर की दुकान भी है।
संवाददाता ने दुकानदारों से बात की । नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक ने बताया कि कारें शाम को आती थीं लेकिन किस मकसद से आती थीं, पता नहीं । वस्तुत: कभी कोई विवाद नहीं हुआ, इसलिए शक नहीं गया ।
पड़ोस के एक दुकानदार ने बताया कि उसने लड़कियों को एक कार से जाते देखा तो लगा कि शायद किसी कार्यक्रम में जा रही होंगी । संरक्षण गृह के निकट खडे़ एक व्यक्ति ने बतया कि शाम को कारें आती थीं । अधिकारी जैसे दिखने वाले लोग आते थे । क्यों आते थे, कभी समझ नहीं आया ।
इस संरक्षण गृह में लगभग सात कमरे हैं, रसोई है, शौचालय है और बाल्कनी भी, लेकिन बाहर से कुछ नहीं दिखता । उत्तर प्रदेश सरकार ने देवरिया प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश दिये हैं। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने माना है कि जिला प्रशासन के स्तर पर लापरवाही हुई है ।